क्या त्वचा पर दिखने वाले गहरे लाल धब्बे कैंसर का लक्षण होते हैं? डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताया ये स्पॉट्स खतरनाक हैं या नहीं

Red Spots On Skin: त्वचा पर एक नहीं बल्कि कई कारणों से चकत्ते या कहें लाल धब्बे नजर आ सकते हैं. अक्सर ये लाल धब्बे कैंसर का लक्षण लगने लगते हैं. लेकिन, क्या ये धब्बे सचमुच कैंसर हैं? आइए जानते हैं डॉक्टर का क्या कहना है.

Red Spots Cancer Symptoms

क्या चेरी एंजियोमा कैंसर हो सकता है?

Cancer Symptoms: कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसके शुरुआती लक्षण शरीर पर अलग-अलग तरह से नजर आते हैं. कुछ लक्षण आसानी से पहचाने जा सकते हैं तो कुछ को पहचानने में दिक्कत आती है. लेकिन, त्वचा पर दिखने वाला हर निशान कैंसर का ही लक्षण हो यह जरूरी नहीं है. इसीलिए कैंसर का धब्बा कैसा दिखता है और कैसा नहीं यह समझना जरूरी है. त्वचा पर अक्सर ही लाल रंग के चकत्ते (Red Spots) नजर आते हैं. इन चकत्तों या कहें बाहर की तरफ उभरे हुए धब्बों के बारे में बता रही हैं डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. श्रद्धा पिटालिया. अपने इंस्टाग्राम हैंडल से वीडियो शेयर करके स्किन डॉक्टर ने बताया है कि त्वचा के ये धब्बे कैंसर का लक्षण होते हैं या नहीं.

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क्या लाल चकत्ते कैंसर का लक्षण हैं

डॉक्टर बताती हैं कि त्वचा पर दिखने वाले छोटे-छोटे लाल चकत्ते चेरी एंजियोमास (Cherry Angiomas) कहलाते हैं. चेरी एंजियोमास छोटे ब्लड वेसल्स के क्लस्टर्स होते हैं जो स्किन पर लाल, पर्पल ये चेरी कलर के उभरे हुए नजर आते हैं. ये लाल धब्बे ज्यादातर सीने पर, पीठ पर, पेट पर, आर्म्स और जांघों पर नजर आते हैं. लेकिन, ये धब्बे बिनाइन होते हैं यानी नॉन-कैंसरस हैं और इसीलिए नुकसानदायक नहीं होते हैं.

ये क्यों नजर आते हैं

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  • त्वचा पर दिखने वाले ये धब्बे उम्र के चलते नजर आ सकते हैं. ये 30 साल की उम्र के बाद दिख सकते हैं.
  • जेनेटिक्स के चलते भी ये धब्बे त्वचा पर निकल सकते हैं. अगर आपके माता-पिता को यह दिक्कत थी तो आपको भी हो सकती है.

क्या इन धब्बों के लिए ट्रीटमेंट की जरूरत होती है

डॉक्टर की सलाह है कि इन धब्बों के लिए किसी तरह के ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं होती है. लेकिन, अगर आप चाहें तो इनसे छुटकारा पाने के लिए डर्मेटोलॉजिस्ट से संपर्क कर सकते हैं. रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन से या फिर लेजर थेरैपी से इन धब्बों को हटाया जा सकता है.

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कब होते हैं धब्बे कैंसर का लक्षण

  • अगर त्वचा पर कोई धब्बा अपनी शेप या साइज बदलता है और उसमें से खून निकलता है तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता है. ऐसे में इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी होता है.
  • कैंसर होने पर धब्बे आमतौर पर 6 mm से बड़े नजर आते हैं यानी पेंसिल पर लगी रबड़ के आकार के दिखते हैं, हालांकि मेलानोमास छोटे भी हो सकते हैं.
  • ये धब्बे अलग-अलग रंग के दिख सकते हैं जैसे चॉकलेटी, लाल, काले, गुलाबी, सफेद या नीले.
  • अगर मस्सा निकला है तो आधा मस्सा दूसरे आधे मस्से से अलग दिखता है.
  • मस्से (Moles) के किनारे इररेग्युलर होते हैं और शेप में नहीं होते.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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