Less Sleep Cause Eye Pain: आजकल नींद पूरी ना होना एक आम समस्या बन चुकी है,  जिसका सीधा असर आंखों पर भी पड़ता है. जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती उन लोगों को उठते ही आंखों में दर्द, भारीपन, जलन या सूखापन महसूस करते हैं, जिसका एक बड़ा कारण पर्याप्त नींद ना लेना होता है. इसको लेकर डॉक्टर पुरेंद्र भासिन (जो सर्जन और आंखों के डॉक्टर जो ग्वालियर के संस्थापक और निदेशक भी हैं) का कहना है कि जब हम पूरी नींद नहीं लेते तो आंखों को आराम नहीं मिल पाता है. दिनभर स्क्रीन पर काम करने से आंखों की मांसपेशियां लगातार सक्रिय रहती हैं. नींद के दौरान ही ये मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और आंखों की सतह खुद को रिपेयर करती है.  

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नींद की कमी से आंखों में दर्द क्यों होता है?

नींद की कमी आंखों की मांसपेशियां रिलैक्स नहीं कर पातीं, जिससे आंखों में थकान और दर्द होने लगता है. साथ ही, नींद कम लेने से आंखों में ड्रायनेस यानी सूखापन भी बढ़ जाता है. सामान्य तौर पर पलक झपकने से आंखों में नमी बनी रहती है, लेकिन जब आप थके हुए होते हैं या देर रात तक जागते हैं तो पलक झपकने की दर कम हो जाती है. इससे आंसू का संतुलन बिगड़ जाता है और आंखों में जलन, खुजली और दर्द महसूस होता है.

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नींद की कमी से दिखते हैं ये लक्षण

इसके अलावा, नींद की कमी से आंखों का ब्लड सर्कुलेशन भी प्रभावित होता है. इससे आंखों के आसपास सूजन, काले घेरे और भारीपन महसूस हो सकता है. कई बार लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक ऐसा रहने पर यह समस्या बढ़ सकती है.

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क्या नींद की कमी से आंखों की रोशनी पर असर पड़ता है?

नींद की कमी से आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ सकता है. धुंधला दिखना, फोकस करने में दिक्कत और सिरदर्द जैसे लक्षण भी इसके साथ जुड़े हो सकते हैं. यह स्थिति खासतौर पर उन लोगों में ज्यादा देखी जाती है जो देर रात तक स्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं और अपनी नींद का समय कम कर देते हैं.

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इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए?

इस समस्या से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लें और रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लें. सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें, ताकि आंखों को आराम मिल सके. इसके अलावा, दिनभर में बीच-बीच में आंखों को आराम देना भी जरूरी है जैसे 20-20-20 नियम अपनाना (हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें) आदि.  

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डॉक्टर के पास कब जाएं?

आंखों को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी पिएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें. अगर आंखों में दर्द, लालिमा या धुंधलापन लगातार बना रहता है तो इसे हल्के में ना लें और तुरंत डॉक्टर के पास जाएं. 

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.