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फैटी लिवर ग्रेड 1 में दूध पीना चाहिए या नहीं? डाइटिशियन ने बताया दूध पीने से क्या होगा

Milk In Fatty Liver: लिवर फैटी होने के बाद अपनी डाइट पर बहुत ध्यान देने की जरूरत है. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है. इसलिए डाइटिशियन के बताए टिप्स पर जरूर ध्यान दें.

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किस तरह का दूध पीना चाहिए?

Fatty Liver Food: फैटी लिवर की समस्या होने पर लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि क्या दूध पीना अच्छा है या नहीं. हालांकि, कई चीजें ऐसी हैं जिनका सेवन करना परेशानी पैदा कर सकता है. इसलिए पीएसआरआई हॉस्पिटल, दिल्ली की कंसल्टेंट डाइटिशियन डॉक्टर शालिनी ब्लिस सलाह देती हैं कि फैटी लिवर में दूध पीने से इसपर बोझ पड़ सकता है. वहीं, कई विशेषज्ञों का कहना है कि फैटी लिवर के मरीज दूध का सेवन कर सकते हैं, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार का दूध और कितनी मात्रा में ले रहे हैं. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि कैसे दूध का सेवन किया जा सकता है.

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किस तरह का दूध पीना चाहिए?

फैटी लिवर में लो-फैट या स्किम्ड दूध को बेहतर विकल्प माना जाता है. इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जबकि सैचुरेटेड फैट की मात्रा कम होती है. इससे शरीर को पोषण मिलता है और अतिरिक्त कैलोरी का सेवन भी नियंत्रित रहता है.

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फुल-फैट दूध का सेवन कैसे करें?

फुल-फैट दूध या ज्यादा मलाई वाला दूध कुछ लोगों में अतिरिक्त कैलोरी और वसा का स्रोत बन सकता है. अगर किसी का वजन अधिक है या उसे मोटापे की समस्या है, तो डॉक्टर कम वसा वाले डेयरी उत्पाद चुनने की सलाह दे सकते हैं.

क्या दूध पीने से फैटी लिवर ठीक होता है?

कुछ शोधों में यह भी पाया गया है कि दूध और अन्य डेयरी उत्पादों में मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को बनाए रखने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. हालांकि, केवल दूध पीने से फैटी लिवर ठीक नहीं होता. इसके लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और अच्छी लाइफस्टाइल होनी चाहिए.

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कब नहीं करना चाहिए दूध का सेवन?

अगर दूध पीने के बाद पेट फूलना, गैस या पाचन संबंधी परेशानी होती है तो यह लैक्टोज का एक संकेत हो सकता है. ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह के अनुसार ऑप्शन चुने जा सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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