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बच्चों का ज्यादा स्क्रीन टाइम बढ़ा रहा है इस बीमारी का खतरा? हैरान कर देगी वजह

How Screen Time Affects Child Development: आज के वक्त में माता-पिता कम उम्र से ही बच्चों को फोन-टीवी देखने की आदत लगवा देते हैं, जो शुरुआत में नॉर्मल लगती है, लेकिन आगे चलकर गंभीर बीमारी का कारण बनती है. आइए जानते हैं बच्चों में बढ़ रही ये आदत कितनी खतरनाक है?

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बच्चों को फोन देना कितना खतरनाक है? (Image: AI)

Autism Spectrum Disorder Symptoms Children: आज के दौर में बच्चों को व्यस्त रखने के लिए मोबाइल और टीवी सबसे आसान तरीका बन गया है. कई माता-पिता रोते या परेशान बच्चे को शांत कराने के लिए तुरंत फोन थमा देते हैं, जो शुरुआत में एक सामान्य आदत लगती है. लेकिन यही आदत धीरे-धीरे बच्चों की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन जाती है और वे स्क्रीन के बिना रह ही नहीं पाते. लंबे समय तक स्क्रीन देखने से बच्चे बाहर खेलने, बातचीत करने और नई चीजें सीखने से दूर हो जाते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र में ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास को प्रभावित कर सकता है, जिससे आगे चलकर गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

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कम उम्र में ज्यादा स्क्रीन टाइम बढ़ाता है इस बीमारी का खतरा

नई रिसर्च के अनुसार, छोटे बच्चों में स्क्रीन टाइम का ज्यादा होना उनके व्यवहार और दिमागी विकास पर बुरा असर डाल सकता है. सामान्य जानकारी के अनुसार, विशेषज्ञों ने पाया कि जिन बच्चों को बहुत कम उम्र से ही मोबाइल या टीवी की आदत लग जाती है, उनमें आगे चलकर ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) के लक्षण ज्यादा देखने को मिल सकते हैं.

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इस स्थिति बच्चों के बोलने, समझने और दूसरों से जुड़ने की क्षमता को प्रभावित करती है. खासकर लड़कों में इसका जोखिम थोड़ा ज्यादा देखा गया है. इसलिए जरूरी है कि बच्चों के स्क्रीन टाइम को शुरू से ही सीमित रखा जाए और उन्हें ज्यादा से ज्यादा एक्टिव और इंटरैक्टिव एक्टिविटी में शामिल किया जाए.

बच्चों के लिए कितना स्क्रीन टाइम है सुरक्षित?

  • 18 महीने से कम उम्र के बच्चों को स्क्रीन से पूरी तरह दूर रखना चाहिए.
  • 18 महीने से 6 साल के बच्चों को बहुत सीमित और माता-पिता की निगरानी में ही स्क्रीन दिखाएं.
  • 7 साल से ऊपर के बच्चों को दिनभर में ज्यादा से ज्यादा 1-2 घंटे का स्क्रीन टाइम ही सही माना जाता है.
  • बच्चों को क्या दिखाया जा रहा है, इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है और साध ही, स्क्रीन की जगह बच्चों से बातचीत, खेलकूद और किताबों की आदत विकसित करें, ताकि उनकी सेहत बनी रहे.

क्या है ऑटिज्म और क्यों है खतरनाक?

ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें बच्चे का व्यवहार, सीखने की क्षमता और दूसरों से जुड़ने का तरीका सामान्य से अलग हो सकता है. इसके लक्षण कभी-कभी जल्दी दिखने लगते हैं, जैसे कि आंखों में संपर्क कम होना, देर से बोलना या अकेले रहना पसंद करना. अगर समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए, तो सही देखभाल और गाइडेंस से बच्चे का विकास बेहतर किया जा सकता है. इसलिए माता-पिता के लिए जरूरी है कि वे बच्चों के स्क्रीन टाइम पर कंट्रोल रखें और उन्हें लोगों से जुड़ने के ज्यादा मौके दें, ताकि उनका मानसिक और सामाजिक विकास सही तरीके से हो सके.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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