हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CycloneTiger ShroffGyanesh KumarBigg Boss 20

Eggs and Cancer: क्या अंडा खाने से बढ़ता है कैंसर का खतरा? डॉक्टर से जानिए सच

Egg Cause Cancer: अगर आपको लगता है कि अंडे हेल्थ के लिए बहुत ही फायदेमंद हो सकता है, लेकिन अगर अंडा खराब क्वालिटी या रखा हुआ है तो कई तरह की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है. इस लिस्ट में कैंसर जैसी बीमारी भी शामिल है. 

विज्ञापन
क्या अंडा खाने से सच में बढ़ता है कैंसर का खतरा? Image Credit- Magnific

अंडा खाना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसमें प्रोटीन के साथ कई ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने और शरीर को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं. यही वजह है कि बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्गों तक, कई लोग अपनी डाइट में अंडे को शामिल करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रोजाना अंडा खाने से कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है? इसको लेकर कैंसर हीलर सेंटर के एक्सपर्ट डॉक्टर तरंग कृष्णा का कहना है कि अंडे खाते वक्त यह जानना जरूरी है कि अंडा कहां से आ रहा है और उसकी क्वालिटी कैसी है. एनआईएच यानी नेशनल हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक अंडे खाने और कैंसर से होने वाली मौत के बीच रिलेशन देखा गया है. हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अंडे से कब कैंसर का खतरा बढ़ सकता है.

इसे भी पढ़ें- सोने से पहले की गईं ये 5 गलतियां चुपचाप कमजोर कर रही हैं आपका दिल, डॉक्टर ने कहा आज ही बदलें आदतें

क्या अंडा खाने से सच में बढ़ता है कैंसर का खतरा?

एक्सपर्ट के मुताबिक, अंडे खाने से कैंसर तब हो सकता है, जब अंडे की क्वालिटी कैसी है और आप किस जगह से अंडे खरीद रहे हैं. हालांकि, अंडे और कैंसर के बीच रिलेशन को समझने के लिए वैज्ञानिकों ने अलग-अलग तरह के अध्ययन किए हैं. कुछ रिसर्च में लोगों की खानपान संबंधी आदतों को भी जिम्मेदार बताया है. वहीं, अगर आप अंडे अच्छी जगह से खरीद रहे हैं तो आपको किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा, क्योंकि अंडे प्रोटीन का अच्छा स्रोत है.

विज्ञापन

क्या रोजाना अंडा खाने वालों को सावधान रहने की जरूरत है?

रोजाना अंडा खाने से कैंसर नहीं होता, क्योंकि अंडे प्रोटीन का अच्छा स्रोत है. हालांकि, अगर आप खराब या नकली अंडे खाते हैं तो कैंसर जैसी बीमारी का खतरा बढ़ सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर इंसान को में अंडे नहीं खाने चाहिए. अंडे की सही मात्रा इंसान की उम्र, खानपान और हेल्दी चीजों पर निर्भर कर सकती है. जिन लोगों को कोलेस्ट्रॉल, दिल की बीमारी या हेल्थ से जुड़ी समस्याएं हैं तो उन्हें अपनी डाइट के बारे में डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन से सलाह लेनी चाहिए. 

क्या अंडे की जर्दी खाने से कैंसर का खतरा बढ़ता है?

अंडे का पीला हिस्सा यानी जर्दी कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसमें कोलीन, विटामिन बी12 और अन्य जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. वहीं, अंडे का सफेद हिस्सा प्रोटीन प्रदान करता है. कई रिसर्च में बताया गया है कि अंडे को ज्यादा खाने से या हेल्थ के जुड़ी कोई समस्या होने पर नुकसान हो सकता है. हालांकि, अंडे की जर्दी खाने से सीधे कैंसर नहीं होता है और अगर कैंसर हो गया है तो इसके पीछे दूसरे कारण हो सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि जर्दी में कोलेस्ट्रॉल भी होता है, इसलिए कुछ लोगों को अपनी डाइट में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा पर ध्यान देने की जरूरत हो सकता है, लेकिन कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी चिंता और कैंसर का खतरा अलग-अलग हो सकता है.

विज्ञापन

अंडा शरीर के लिए क्यों फायदेमंद माना जाता है?

कैंसर को लेकर उठने वाले सवालों के बीच अंडे के पोषण संबंधी फायदों को समझना भी जरूरी है. 

  • प्रोटीन का अच्छा स्रोत
  • विटामिन बी12 होना 
  • कोलीन से भरपूर होना
  • पोषक तत्व मौजूद होना 

अंडा खाने का तरीका भी है जरूरी

अंडे को किस तरह पकाकर खाया जाता है, इस पर भी ध्यान देना चाहिए. उबला हुआ अंडा या कम तेल में तैयार ऑमलेट डाइट का अहम हिस्सा माना जा सकता है. अंडे को अच्छी तरह पकाकर खाना भी जरूरी है, क्योंकि कच्चे या अधपके अंडों से साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया की वजह से इंफेक्शन हो सकता है. इसलिए बेहतर है कि अंडे को स्वच्छ तरीके से तैयार करें और अपने खाने में अलग-अलग चीजों को शामिल करें. 

विज्ञापन

कैंसर का खतरा कम करने के लिए किन बातों का रखें ध्यान?

कैंसर का खतरा लाइफस्टाइल में बदलाव होने की वजह से हो सकते हैं. इसलिए कुछ आदतें अपनाकर कई तरह के कैंसर का खतरा कम होने में आसानी मिल सकती है. 

  • बैलेंस डाइट लेना 
  • प्रोसेस्ड मीट खाना 
  • शराब से बचना 
  • वक्त पर टेस्ट कराना 

क्या कैंसर के मरीजों को अंडा खाना चाहिए?

कैंसर के मरीजों के लिए प्रोटीन और कैलोरी लेना जरूरी हो सकता है, खासकर जब बीमारी या उसके इलाज की वजह से वजन घट रहा हो या भूख कम लग रही हो. अंडा प्रोटीन का अच्छा स्रोत हो सकता है, लेकिन इसे खाना है या नहीं, यह मरीज की हालत पर निर्भर करता है.

विज्ञापन

इसे भी पढ़ें- सिर्फ वेजिटेरियन होना ही नहीं, इन 5 कारणों से भी हो सकती है विटामिन B12 की कमी; डॉक्टर ने बताया

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola