खाना खाने के बाद अगर आपको अक्सर नींद, सुस्ती या आलस महसूस होता है तो आप अकेले नहीं हैं. कई लोगों को लंच या डिनर के बाद शरीर भारी लगने लगता है और आराम करने का मन करता है. कुछ लोगों को हैवी खाने पर तो तुरंत नींद आने लगती है, इसे आमतौर पर पोस्टप्रांडियल सोम्नोलेन्स कहा जाता है. इस समस्या का सामना सिर्फ आप ही नहीं बल्कि ज्यादातर लोग करते हैं. हालांकि, यह जानना जरूरी है कि आखिर इसके पीछे के क्या कारण हैं. इसको लेकर योगाचार्य उमंग त्यागी का कहना है कि खाना खाने के बाद नींद आना एक बहुत कॉमन बात है, लेकिन इसके पीछे कुछ आयुर्वेदिक कारण होते हैं. उनका कहना है कि यह प्रक्रिया नई नहीं है, बल्कि काफी साल पुरानी है.
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खाना खाने के बाद क्या होता है?
खाना खाने के बाद अक्सर आंखें भारी होने लगती हैं और आराम करने या सोने का मन करता है. कई लोगों के लिए यह रोजाना महसूस होने वाली नॉर्मल बात है. मगर क्या आपने कभी सोचा है कि खाना करने के बाद आखिर नींद क्यों आने लगती है? आयुर्वेद में इसके पीछे शरीर में होने वाले दोषों के बदलाव को एक कारण माना गया है.
खाने खाने के बाद नींद आने की असल वजह
आयुर्वेद के अनुसार, खाना खाने के बाद शरीर में कफ दोष बढ़ सकता है. वैसे ही कफ को स्थिरता, भारीपन और शीतलता से जुड़े गुणों वाला माना जाता है. यही वजह है कि खाने के बाद शरीर में थोड़ी सुस्ती और भारीपन महसूस हो सकता है. आयुर्वेदिक में खाने के बाद आने वाली नींद को इसी कफ प्रभाव से जोड़कर देखा जाता है.
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किस तरह का खाना बढ़ा सकता है सुस्ती?
आयुर्वेद में खाने की मात्रा को काफी अहम माना गया है. बहुत ज्यादा खाने से शरीर में भारीपन ज्यादा महसूस हो सकता है. वहीं आधुनिक पोषण विज्ञान के अनुसार फैट और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट वाला खाना, कुछ लोगों में खाने के बाद उनींदापन बढ़ा सकता है.
खाने के बाद क्या करें?
अगर आपको खाना के बाद बहुत ज्यादा सुस्ती महसूस होती है तो कुछ आसान आदतें अपनाई जा सकती हैं.
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- आप जरूरत से ज्यादा खाना न खाएं, क्योंकि इससे पेट भारी हो सकता है. साथ ही, इससे परेशानी भयंकर नींद आने की संभावना बढ़ जाती है.
- खाने को हमेश चबनाकर खाएं और धीरे-धीरे खाएं. जल्दबाजी में खाया गया खाना हमेशा शरीर में सुस्ती पैदा करता है.
- खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर जाने से बचें और कुछ देर हल्की एक्सरसाइज या आरामदायक वॉक करें.
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