अच्छी सेहत और हमेशा फिट रहने के लिए डाइट का अच्छा होना काफी जरूरी है. सही डाइट न सिर्फ हमारी सेहत को बनाए रखने में मदद करती है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों के खतरे को भी कम करते हैं. लेकिन लोगों की खराब आदतों और अलग स्वाद लेने का नतीजा ये होता है कि वह तले-भुने मसालों से भरे-तीखे चीजों का सेवन करने लगते हैं, जिसका असर ये होता है कि शरीर अंदर से कमजोर होने लगता है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. हालांकि, आपने कई डॉक्टरों से सुना होगा कि सेहतमंद रहने के लिए डाइट में पर्याप्त हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए. लेकिन इन्हें डाइट में शामिल करना क्यों जरूरी है, इसे लेकर मन में कई सवाल आते हैं. आइए समझते हैं इस स्टोरी में.

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क्यों जरूरी है हरी सब्जियों का सेवन?

ICMR/NIN द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, हरी सब्जियों का सेवन शरीर के विकास और अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है. रिपोर्ट में बताया गया कि हरी सब्जियों कई पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर के लिए महत्वपूर्ण हैं. हरी पत्तेदार सब्जियां लौह युक्त होती है, ऐसे में जिन लोगों में एनीमिया जैसी बीमारी होती है, उनके लिए ये हरी सब्जियां फायदेमंद हैं. इतना ही नहीं, हरी सब्जियों में कैल्शियम, बीटा कैरोटीन और कई विटामिन्स होते हैं, जो सेहत बनाए रखने के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं. अब आप समझ गए होंगे कि क्यों डॉक्टर सब्जियों के सेवन पर इतना जोर देते रहते हैं. आपको चाहिए कि आप भी अगर फिट रहना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में जरूरी हरी सब्जियां शामिल करें.

हरी पत्तेदार सब्जियों का कैसे करें डाइट में शामिल

रिपोर्ट में बताया गया कि अक्सर माता-पिता की शिकायत रहती है कि हरी पत्तेदार सब्जियों के सेवन के कारण बच्चों को दस्त जैसी समस्या हो सकती है. यही वजह है कि ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों को इस पोषक तत्व को देने से परहेज करते हैं. हालांकि, यह बात सही है कि कई बैक्टीरिया, कीटाणु, कीट और अनचाही चीजें हरी पत्तेदार सब्जियों को पानी और मिट्टी के द्वारा दूषित कर देते हैं, लेकिन सही तरीके से इस्तेमाल करने पर ये खतरा कम हो सकता है.  

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सब्जियों को दूषित होने से रोकने के लिए उन्हें अच्छी तरह से पानी से धोना चाहिए ताकि दस्त जैसी समस्या से बचा जा सके. साथ ही, हरी पत्तेदार सब्जियों को अच्छी तरह मिलाकर, पका कर और छान कर ही बच्चों को परोसें. रिपोर्ट में बताया गया कि सब्जियों के पोषण को बनाये रखने के लिए उन्हें ज्यादा देर तक न पकाएं और नियमित रूप से सेवन करें.

शुगर और कोलेस्ट्रॉल रहेगा कंट्रोल

डायबिटीज और दिल की बीमारी आजकल काफी आम हो गई हैं. खून में चीनी और चर्बी की मात्रा बढ़ने से ही कई रोग होते हैं. हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पोषण संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रीशन) ने अपने शोध में पाया है कि मेथी इन दोनों बीमारियों में काफी उपयोगी है. मेथी में रेशा की मात्रा ज्यादा होने के कारण शुगर की बीमारी में ये काफी लाभदायक है. यह खून और पेशाब में चीनी की मात्रा और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करता हैं. कच्चे और पके मेथी दोनों में ही यह गुण मौजूद रहते हैं. इस बात का ख्याल रखें कि, मेथी के पत्तों में (मेथी साग) ये गुण नहीं पाये जाते हैं. मेथी के बीज की मात्रा शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर निर्भर होता है. इसे 25 ग्राम से 50 ग्राम तक की मात्रा में लिया जा सकता है. हालांकि, शुरुआत में 25 ग्राम मेथी के बीज प्रतिदिन 12.5 ग्राम के हिसाब से दो-दो बार दोपहर और रात को खाने के साथ लिया जा सकता है.

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अच्छी से सेहत के लिए प्रतिदिन कितना खाएं सब्जी?

राष्ट्रीय पोषण संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन) के अनुसार, हरी पत्तेदार सब्जियां प्रतिदिन वयस्क महिलाओं के लिए 100 ग्राम, वयस्क पुरुषों के लिए 40 ग्राम, स्कूल न जान वाले बालकों के लिए (4-6 वर्ष) 50 ग्राम और 10 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले बच्चों के लिए 50 ग्राम प्रतिदिन जरूरी है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Soruce: ICMR/ NIN- Vikaspedia