How To Know Baby Can’t Hear: विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, साल 2050 तक 2.5 बिलियन लोगों को कुछ डिग्री तक हियरिंग लॉस हो जाएगा और 700 मिलियन लोगों को हियरिंग रिहेबिलटेशन की जरूरत होगी. वहीं, दुनियाभर में 5 से 19 साल के तकरीबन 95.1 मिलियन बच्चे हियरिंग लॉस के साथ यानी सुनने की क्षमता के बिना जी रहे हैं. हियरिंग लॉस में कम या ज्यादा सुनाई देना देखा जाता है, वहीं, उस व्यक्ति को बहरा कहा जाता है जिसकी सुनने की क्षमता बहुत कम या बिल्कुल भी नहीं होती है. ऐसे में बच्चों में जल्द से जल्द हियरिंग लॉस (Hearing Loss) को पहचानना, उनका चेकअप करवाना और ट्रीटमेंट करवाना जरूरी है जिससे इस समस्या को बढ़ने से रोका जा सके और बच्चे के सुनने की क्षमता पूरी तरह ना चली जाए.
यह भी पढ़ें – पैरों पर नीली-हरी धारियां वेरिकोज वेन्स का हो सकती हैं लक्षण, कभी ना करें ये 3 काम नहीं तो बढ़ जाएगी दिक्कत
इन 4 तरीकों से पहचानें बच्चे में हियरिंग लॉस के संकेत
पहला संकेत – बच्चा आप से बार-बार एक ही बात को दोहराने के लिए कहता है
दूसरा संकेत – बच्चे को अंटेशन या स्कूल परफोर्मेंस में स्ट्रगल करना पड़ता है
तीसरा संकेत – बच्चा कान के दर्द की शिकायत करता है और उसके कानों से पस या कोई पदार्थ निकलता है
चौथा संकेत – बच्चे की स्पीच और लैंग्वेज डेवलपमेंट धीमी है.
हियरिंग लॉस या बिल्कुल सुनाई ना देने के क्या कारण होते हैं
जेनेटिक्स फैक्टर्स, इंट्रायूट्राइन इंफेक्शंस, लो बर्थ वेट, जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी, क्रोनिक इयर इंफेक्शन, कान में फ्लुइड जमा होना और मेंनिंजिनाइटिस या कोई और इंफेक्शन बच्चों में हियरिंग लॉस की वजह हो सकता है.
बड़ों में हियरिंग लॉस का कारण क्रोनिक डिजीज, स्मोकिंग, ओटोस्क्लेरोसिस, एज रिलेटेड सेनसोरिन्यूरल हियरिंग लॉस या अचानक होने वाला सेनसोरिन्यूरल हियरिंग लॉस सुनाई ना देनी का कारण बनते हैं.
उम्रभर में इम्पैक्टेड इयरवैक्स, कान या सिर पर ट्रॉमा, शोर या तेज आवाजों के संपर्क में रहने, ओटोटॉक्सिक दवाओं, काम से जुड़े ओटोटॉक्सिक केमिकल्स, पोषण की कमी, वायरल इंफेक्शन या कान से जुड़ी कोई और कंडीशन और प्रोग्रेसिव जेनेटिक हियरिंग लॉस के चलते व्यक्ति की सुनने की क्षमता जा सकती है.
हियरिंग लॉस पर ध्यान ना देने पर क्या होता है
- हियरिंग लॉस पर ध्यान ना दिया जाए तो इससे कम्यूनिकेशन और बोलचाल में दिक्कत आती है
- व्यक्ति अकेला हो सकता है, उसे समाज से कटकर रहना पड़ता है
- समाज और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है
- डिसएब्लिटी के साथ जीना पड़ता है
- पढ़ाई और नौकरी पाने में दिक्कत आती है
- डिमेंशिया होने का खतरा बढ़ सकता है और दिमागी सेहत प्रभावित हो सकती है.
यह भी पढ़ें – शरीर में किसकी कमी से ज्यादा नींद आती है? जानिए कौन सा विटामिन हो सकता है वजह
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
संबंधित खबरें
पीलिया होने पर दिख सकते हैं ये 7 लक्षण, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
19 mins agoसिर्फ नमक कम करने से नहीं, इन आदतों को अपनाने से कंट्रोल रहेगा BP
42 mins agoब्रेस्ट के आसपास होने वाली ये दिक्कतें हो सकती हैं कैंसर का लक्षण
3 hrs agoकैसे पता चलेगा अर्थराइटिस हो गया है? AIIMS से जानिए लक्षण और दर्द के उपाय
4 hrs agoमहीनों से बैठी आवाज को जुकाम समझना पड़ सकता है भारी! हो सकता है कैंसर
18 hrs agoरातभर फोन देखने की आदत, तबाह कर देगी आपकी सेहत
20 hrs agoसर्दियों में मां बनने वाली हैं? डॉक्टर ने बताया कैसे रखें खुद का ख्याल
21 hrs agoधड़ एक, सिर दो… जानें कब पैदा होते हैं ऐसे बच्चे? क्या कहती है रिसर्च
23 hrs agoस्मोकिंग नहीं करते, फिर भी हो सकता है Lung Cancer! इन खतरों से रहें सावधान
1 day ago2 दिन से पेट साफ नहीं हुआ? कहीं कैंसर का ये लक्षण तो नहीं
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
Source - WHO
First published on:
Know More: Editorial Guidelines