Hantavirus Symptoms: कोरोना महामारी की खौफनाक यादें अभी धुंधली भी नहीं पड़ी थीं कि एक और जानलेवा वायरस ने दुनिया को डरा दिया है. इस वायरस का नाम 'हंता वायरस' (Hantavirus) है, जिसका ताजा प्रकोप एक डच क्रूज शिप 'MV Hondius' से शुरू हुआ है, जहां अब तक 3 यात्रियों की जान जा चुकी है. इस खबर के सामने आते ही वैश्विक स्तर पर हड़कंप मचा गया है क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी अब इस पर कड़ी नजर रख रहा है. इस गंभीर वायरस के मामले सामने आने के बाद, लोग डरे हुए हैं कि कहीं यह वायरस भी कोविड की तरह पैर न पसार ले, खासकर इसलिए क्योंकि इस बार 'एंडिस वायरस' (Andes virus) नामक स्ट्रेन मिला है, जो एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलने की क्षमता रखता है.

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क्या है हंता वायरस और कैसे फैलता है यह संक्रमण?

हंता वायरस एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरल संक्रमण माना जाता है, जो आमतौर पर संक्रमित चूहों या चूहियों, गिलहरियों के संपर्क में आने से फैलता है. यह वायरस उनके पेशाब, मल या थूक के जरिए इंसानों तक पहुंच सकता है, ऐसे में अगर कोई व्यक्ति ऐसी जगह पर रहता है जहां चूहों का ज्यादा खतरा हो, तो संक्रमण की संभावना बढ़ सकती है. बता दें कि शुरुआती दिनों में इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे लगते हैं, लेकिन समय रहते इलाज न मिलने पर यह फेफड़ों और शरीर के दूसरे अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचाने लगता है.

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हंतावायरस के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

  • इस वायरस के शुरुआती लक्षणों के बात करें, तो इसमें;
  • तेज बुखार और ठंड लगना.
    शरीर में कमजोरी और ज्यादा थकान महसूस होना.
    जांघों, कमर और पीठ में मांसपेशियों में दर्द होना.
    पेट दर्द, उल्टी, मतली और दस्त की समस्या रहना.
    सिरदर्द और चक्कर आना और कुछ लोगों में त्वचा पर लाल चकत्ते दिखाई देना शामिल हैं.
  • विशेषज्ञों के मुताबिक, संक्रमण होने के कुछ हफ्तों बाद ये लक्षण नजर आ सकते हैं. शुरुआत में यह सामान्य फ्लू जैसा महसूस होता है, लेकिन कई मामलों में स्थिति तेजी से गंभीर हो सकती है. इसलिए बेहतर है कि जैसे ही कुछ बदलाव नजर आएं, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.

बीमारी बढ़ने पर दिख सकते हैं ये खतरनाक संकेत

  • अगर हंता वायरस समय रहते कंट्रोल न हो, तो यह फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है. इससे फेफड़ों में तरल पदार्थ भरने लगता है, जिससे सांस लेने में परेशानी होने लगती है.
  • लगातार सूखी खांसी.
  • सांस फूलना या सांस लेने में दिक्कत.
  • सीने में जकड़न महसूस होना.
  • दिल की धड़कन तेज होना.
  • शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है.
  • डॉक्टरों का कहना है कि गंभीर स्थिति में मरीज को ICU में भर्ती करना पड़ सकता है. कई बार यह वायरस दिल, फेफड़े और किडनी को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे जान का खतरा बढ़ जाता है.

हंतावायरस से बचने के लिए क्या करें?

  • घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें.
  • चूहों के मल-मूत्र या घोंसलों के संपर्क से बचें.
  • बंद जगहों की सफाई करते समय मास्क और ग्लव्स पहनें.
  • खाने-पीने की चीजों को ढककर रखें.
  • फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
  • सांस लेने में दिक्कत होने पर इलाज में देरी न करें.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सही समय पर पहचान और इलाज से इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इसलिए डरने के बजाय जागरूक रहना और सावधानी बरतना सबसे जरूरी है.

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