कमजोर नसों के क्या लक्षण हैं? शरीर के ये संकेत बताते हैं नर्व्स ठीक से काम नहीं कर रहीं  

Nervous System: शरीर में होने वाली कमजोरी का पता आसानी से लगाया जा सकता है, लेकिन अगर नसें कमजोर हो रही हैं तो इसका पता बहुत ही मुश्किल से लगता है. हालांकि, इस दौरान शरीर में कुछ संकेत नजर आते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.  

Nervous System

शरीर की नसें कमजोर क्यों होती है? Image Credit-Freepik

Sharir Ki Nase Kamjor Hona: शरीर की नसें यानी नर्व्स हमारे पूरे बॉडी सिस्टम को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाती हैं. ये दिमाग से शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक संदेश पहुंचाने का काम करती हैं, लेकिन जब नसें कमजोर या डैमेज होने लगती हैं तो शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है. शुरुआत में लोग इन्हें सामान्य कमजोरी या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय रहते ध्यान न देने पर समस्या बढ़ सकती है. आप ऐसा ना करें और वक्त पर इस बीमारी को समझें. जानें कमजोर नसों के ऐसे कौन से लक्षण हैं, जो इस बात का संकेत हो सकते हैं कि आपकी नसें ठीक से काम नहीं कर रही हैं.

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शरीर की नसें कमजोर क्यों होती हैं?

शरीर की नसें कमजोर होने के मेडिकल भाषा में न्यूरोपैथी कहा जाता है. इस दौरान शरीर के अंग और दिमाग के बीच का कनेक्शन कमजोर होने लगता है. इससे कई तरह की परेशानियां होने सकती हैं, जिसकी वक्त पर पहचान करना बहुत जरूरी है.

  • डायबिटीज
  • विटामिन B12 की कमी
  • ज्यादा शराब का सेवन
  • तनाव
  • चोट लगना
  • बढ़ती उम्र
  • खराब लाइफस्टाइल 

नसें कमजोर होने के लक्षण

हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन- अगर अक्सर हाथों, पैरों या उंगलियों में झनझनाहट महसूस होती है या बार-बार सुन्नपन आता है तो यह नसों की कमजोरी का संकेत हो सकता है.
मांसपेशियों में कमजोरी- कमजोर नसों की वजह से मांसपेशियां सही तरीके से काम नहीं कर पाती हैं. इससे चीजें पकड़ने में दिक्कत, सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी या शरीर में कमजोरी महसूस हो सकती है.
तेज या जलन जैसा दर्द- नर्व डैमेज होने पर कुछ लोगों को नसों में जलन, चुभन या बिजली के झटके जैसा दर्द महसूस हो सकता है. यह दर्द लगातार या बीच-बीच में हो सकता है.
बैलेंस बिगड़ना- अगर चलते समय बार-बार संतुलन बिगड़ता है या चक्कर जैसा महसूस होता है तो यह भी नसों की समस्या का संकेत हो सकता है.
हाथ-पैर ठंडे महसूस होना- कुछ मामलों में ब्लड सर्कुलेशन और नर्व फंक्शन प्रभावित होने से हाथ-पैर जरूरत से ज्यादा ठंडे लग सकते हैं.  

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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