अच्छी सेहत के लिए अच्छी लाइफस्टाइल और आदतों को अपनाना काफी जरूरी है, लेकिन लोग अपनी गलत आदतों के कारण, तरह-तरह की समस्याओं का शिकार हो जाते हैं, जिसमें एक बड़ी और गंभीर समस्या है फैटी लिवर की. फैटी लिवर यानी लिवर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होना, जो आज तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हो गया है. पहले माना जाता था कि यह बीमारी सिर्फ ज्यादा शराब पीने वाले लोगों को होती है, लेकिन अब स्थिति बिलकुल बदल चुकी है. रिपोर्ट के अनुसार, शराब न पीने वाले लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिसका सबसे बड़ा कारण गलत खानपान, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, मोटापा, डायबिटीज, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और आदि बड़ी वजह बन रहे हैं.

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भारत में भी तेजी से बढ़ रहा फैटी लिवर

भारत में जैसे-जैसी जीने का तरीका बदला लोगों ने अपनी लाइफस्टाइल में ऐसी कई चीजों को अपना लिया, जो उन्हें ऊपरी तौर से तो फायदा देते नजर आ रही है, लेकिन अंदरूनी नजरिये से काफी खतरनाक है. भारत में मोटापा, खराब खानपान आदि के कारण लगातार फैटी लिवर के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. इसमें सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि शुरुआत में शरीर में फैटी लिवर के खास लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए कई लोगों को बीमारी का पता काफी देर से चलता है. हालांकि,  अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस और गंभीर स्थिति में लिवर खराब होने का खतरा बढ़ सकता है, जो आगे चलकर जान पर भी खतरा बन सकती है. इस गंभीर समस्या की एक हैरान करने वाली सच्चाई ये भी है कि, यह सिर्फ ज्यादा उम्र के लोगों को अपनी चपेट में नहीं लेता बल्कि युवाओं में भी इसका खतरा तेजी से फैल रहा और आज बड़ी संख्या में युवा इस परेशानी से जूझ रहे हैं. इसलिए बेहतर होगा कि आप अपना जांच कराते रहे.

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कैसे दिखते हैं फैटी लिवर के लक्षण

जब लिवर में चर्बी बढ़ने लगती है और बीमारी आगे बढ़ती है, तो लगातार थकान, कमजोरी, भूख कम लगना, पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में हल्का दर्द या भारीपन, बिना वजह वजन घटना जैसी परेशानी दिखाई दे सकते हैं. अगर फैटी लिवर के साथ लिवर में सूजन या फाइब्रोसिस विकसित होने लगे, तो स्किन और आंखों का पीला पड़ना, पेट में सूजन और पैरों में सूजन जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं. इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं.

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फैटी लिवर का कैसे चलता है पता

फैटी लिवर की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि इसके शुरुआती चरण में अक्सर साफ दिखाई या महसूस नहीं होते. अक्सर कई लोगों को यह समस्या सामान्य जांच के दौरान पता चलती है, वरना वह भी इसके खतरे को पहचान नहीं पाते हैं. इसलिए जिन लोगों में मोटापा, डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उन्हें समय-समय पर लिवर की जांच करानी चाहिए. डॉक्टर फैटी लिवर की स्थिति जानने के लिए कई जांचों की मदद लेते हैं, जैसे:

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  • लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी).
  • अल्ट्रासाउंड, फाइब्रोस्कैन और इलास्टोग्राफी से लिवर में जमा चर्बी और नुकसान का पता लगाया जा सकता है.
  • एफआईबी-4 स्कोर जैसी जांच से यह अंदाजा लगाया जाता है कि लिवर में फाइब्रोसिस का खतरा कितना है.

कैसे फैटी लिवर से पा सकते हैं राहत

फैटी लिवर को कंट्रोल करने में सही लाइफस्टाइल का अपनाना सबसे अहम है. सही खानपान और नियमित एक्सरसाइज से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है. फैटी लिवर से बचाव के लिए आप नीचे दिए गए पॉइंट्स को समझे और उन्हें अपनी डेली-रूटीन में शामिल करें.

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  • रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज या योग करें.
  • तला-भुना और ज्यादा फैट वाला खाना कम करें.
  • चीनी, मिठाई और मीठे खाने व पीने की चीजों से दूरी बनाएं.
  • खाने में हरी सब्जियां, फल और प्रोटीन युक्त चीजें शामिल करें.
  • वजन को कंट्रोल रखने की कोशिश करें.
  • शराब का सेवन पूरी तरह बंद करें, खासकर अगर फैटी लिवर की समस्या है.

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