Common Winter Diseases: सर्दियों में मौसम ठंडा होने से कई बीमारियों के मामले बढ़ जाते हैं, इसके पीछे कई कारण होते हैं। दरअसल, सर्दियों में रक्त वाहिकाएं यानी ब्लड वैसल्स सिकुड़ने लगती हैं, जिससे बीपी बढ़ता है और हार्ट को ब्लड पंप करने में बाधाएं पैदा होती हैं। ब्लड वैसल्स के सिकुड़ने से हार्ट सही से काम नहीं कर पाता है, जिससे तुरंत हार्ट अटैक आ सकता है। इसके अलावा, कोहरे और प्रदूषण से फेफड़े डैमेज होने लगते हैं। आइए जानते हैं इस पर एक्सपर्ट की राय।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
अपोलो अस्पताल के जनरल फिजिशियन और मेडिसिन एक्सपर्ट डॉक्टर तरुण साहनी न्यूज एजेंसी एएनआई से कहते हैं कि सर्दियों में शरीर में होने वाला मुख्य परिवर्तन यह है कि रक्त वाहिकाएं ठंड के कारण सिकुड़ जाती हैं। क्योंकि वे सिकुड़ जाती हैं, इसलिए ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। अब रक्तचाप बढ़ जाता है, तो दिल खून पंप करने में मुश्किल महसूस करता है, जिससे दिल का दौरा, हार्ट फेलियर और ब्रेन स्ट्रोक जैसी चीजें होती हैं। ऐसी स्थितियां सर्दियों में अधिक पैदा होती हैं।
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स्ट्रोक का रिस्क
डॉक्टर तरुण साहनी बताते हैं कि सर्दियों में ब्रेन स्ट्रोक के मामले भी बढ़ जाते हैं, क्योंकि ब्लड वैसल्स सिकुड़ने से दिमाग के जो क्षेत्र कमजोर होते हैं, उन पर दबाव पड़ता है। ऐसी स्थिति में ब्रेन स्ट्रोक आता है।
फेफड़ों की बीमारियों का रिस्क
सर्दियों के मौसम में कोहरा, ठंडी हवाएं और प्रदूषण के चलते फेफड़ों की बीमारियों का भी रिस्क बढ़ जाता है। दरअसल, इसके पीछे एक बड़ी वजह ज्यादा धूम्रपान करना भी है। जो लोग ज्यादा स्मोकिंग करते हैं या जिनको सर्दी-जुकाम की समस्या रहती है, उन्हें भी सर्दियों में फेफड़ों की बीमारियों का जोखिम रहता है।
किन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत?
डॉक्टर बताते हैं कि जो लोग हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं, उन्हें इन दिनों कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। मधुमेह रोगियों को भी सर्दियों में बाहर कम निकलना चाहिए, खासतौर पर सुबह के समय कम निकलें। माइग्रेन के मरीजों को भी सर्दियों में सिर को बिना ढके नहीं निकलना चाहिए। ज्यादा धूम्रपान करने वाले सर्दियों में इन आदतों को बदलें। ज्यादा मोटे लोगों को भी इन दिनों में थोड़ा अधिक सावधान रहने की जरूरत होती है।
अपनाएं ये सेफ्टी टिप्स
- गर्म कपड़े पहनें, कानों और सिर को ढक कर रखें। मास्क लगाना भी फायदेमंद होगा।
- शरीर में विटामिन-डी की कमी न होने दें।
- शराब और धूम्रपान से दूरी बनाएं।
- जो लोग बीपी या शुगर की दवा लेते हैं, वे अपनी खुराक लेते रहें और समय-समय पर जांच जरूर करवाएं।
- एक्सरसाइज करें लेकिन धूप निकलने पर या दिन के समय।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
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