Symptoms Of Heart Attack Vs Heatstroke In Summer: गर्मियों में तेज धूप, बढ़ता तापमान और लू के थपेड़े शरीर पर गहरा असर डालते हैं. कई बार लोग धूप में चलते समय या बाहर काम करते हुए अचानक सीने में भारीपन, घबराहट, चक्कर और ज्यादा पसीना महसूस करते हैं. ऐसी स्थिति में समझ नहीं आता कि यह गर्मी का असर है या हार्ट अटैक जैसी गंभीर परेशानी? आजकल बढ़ती गर्मी के साथ हार्ट अटैक और हीटस्ट्रोक यानी लू के मामलों में भी तेजी देखी जा रही है, दोनों स्थितियों में पसीना, कमजोरी और बेचैनी जैसे लक्षण दिख सकते हैं, इसलिए लोग भ्रमित हो जाते हैं कि आखिर उन्हें जो समस्या हो रही है, उसके पीछे वजह क्या है? सही समय पर पहचान होना बहुत जरूरी है, क्योंकि देर होने पर जान का खतरा बढ़ सकता है, भले आपकी उम्र ज्यादा हो या कम खतरा दोनों ही तरफ के लोगों को है.
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हार्ट अटैक के लक्षण कैसे दिखते हैं? Garmi Mein Heart Attack Ke Lakshan
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गर्मी में हार्ट अटैक के मामलों में इजाफा हो जाता है, क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि बाहर के ज्यादा तापमान के कारण शरीर अपना तापमान ठीक से कंट्रोल नहीं कर पाती है, जिससे दिल पर दबाव पड़ने लगता है ऐसी स्थिति में कई लोगों को हार्ट अटैक आ जाता है. इसके पीछे पानी की कमी, खून गाढ़ा, भारी वर्कआउट और ज्यादा गर्मी भी हो सकती है.
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अगर समस्या दिल से जुड़ी है, तो शरीर कुछ खास संकेत देता है, जिन्हें गलती से भी नजरअंदाज न करें:
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- सीने के बीच में दबाव, जकड़न या तेज दर्द महसूस होना.
- दर्द का कंधे, हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना.
- ठंडा पसीना आना और अचानक बेचैनी बढ़ना.
- सांस लेने में दिक्कत या सीढ़ी चढ़ते समय घबराहट होना.
- मतली, उल्टी या चक्कर जैसा महसूस होना.
- कमजोरी के साथ डर या घबराहट लगना.
- आराम करने पर भी दर्द कम न होना.
अगर ऐसे लक्षण दिखें, तो इसे साधारण गैस या गर्मी समझकर नजरअंदाज न करें, तुरंत डॉक्टर या इमरजेंसी मदद लें.
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लू (Heatstroke) के लक्षण क्या होते हैं? Loo Kai Lakshan Kaise Dikhte Hein
जब शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है और तापमान नियंत्रित नहीं कर पाता, तब लू लग सकती है. इसके संकेत हर्ट अटैक से अलग होते हैं:
- तेज धूप में लंबे समय रहने के बाद चक्कर आना.
- शरीर बहुत गर्म लगना और कमजोरी महसूस होना.
- सिर दर्द, उलझन या ध्यान न लगना.
- तेज प्यास लगना और मुंह सूखना.
- त्वचा लाल या गर्म महसूस होना.
- तेज धड़कन और थकावट बढ़ना.
- बेहोशी या लड़खड़ाकर चलना.
लू में कई बार शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाता है, इसलिए तुरंत ठंडी जगह ले जाना जरूरी होता है.
दोनों में अंतर कैसे समझें और तुरंत क्या करें? Chest Pain In Summer
अगर मुख्य परेशानी सीने में दर्द, दबाव और सांस लेने में तकलीफ है, तो हार्ट अटैक की आशंका हो सकती है. वहीं अगर व्यक्ति धूप में रहा हो, शरीर बहुत गर्म हो, चक्कर और कमजोरी ज्यादा हो, तो लू होने की संभावना ज्यादा है.
तुरंत ये कदम उठाएं: Dhoop Mein Chakkar Aane Par Kya Karein
- मरीज को छांव या ठंडी जगह पर बैठाएं.
- तंग कपड़े ढीले करें.
- पानी दें, यदि व्यक्ति होश में हो.
- हार्ट अटैक की आशंका हो तो तुरंत एंबुलेंस बुलाएं.
- लू लगने पर सिर और शरीर को ठंडे कपड़े से ठंडा करें.
- बेहोशी, सांस की तकलीफ या तेज दर्द होने पर देर न करें और तुरंत अस्पताल ले जाए.
गर्मी में राहत और हिफाजत कैसे करें? Garmi Se Bachne Ke Health Tips
भीषण गर्मी में शरीर को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है. तेज धूप में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस समय तापमान सबसे ज्यादा रहता है. घर से निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें. दिनभर पर्याप्त पानी, नींबू पानी, छाछ या नारियल पानी आदि ड्रिंक्स लेते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो. खाली पेट धूप में न निकलें और ज्यादा तला-भुना भोजन खाने से बचें. अगर चक्कर, कमजोरी, तेज प्यास या घबराहट महसूस हो तो तुरंत छांव या ठंडी जगह पर आराम करें. साथ ही, दिल के मरीज, बुजुर्ग और बच्चों को गर्मी में खास सावधानी रखनी चाहिए और बिना जरूरत बाहर नहीं निकलना चाहिए.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.