डायबिटीज होने के बाद खान-पान को लेकर अक्सर लोगों के मन में कई सवाल होते हैं. क्या चावल पूरी तरह छोड़ देना चाहिए? फल खा सकते हैं या नहीं? रोटी कितनी खानी चाहिए और मिठाई से कितनी दूरी जरूरी है? दरअसल, डायबिटीज में सिर्फ चीनी छोड़ना ही काफी नहीं होता, बल्कि पूरी डाइट और खाने की मात्रा पर ध्यान देना भी जरूरी है. एम्स के डिपार्टमेंट ऑफ डायबिटीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डाइट बीमारी के इलाज और मैनेजमेंट का जरूरी हिस्सा है, जिसे मरीज की पोषण संबंधी जरूरत और बीमारी के आधार पर डाइट को मॉडिफाई किया जाता है. इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में डायबिटीज के मामले लगातार बढ़ते रहे तो 2050 तक कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 16 करोड़ तक पहुंच सकती है. इसलिए आपको अपनी हेल्थ पर खास ध्यान देने की जरूरत है.
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डायबिटीज में प्लेट कैसी होनी चाहिए?
इसकी प्लेट डॉक्टर की निगरानी में तैयार होनी चाहिए, क्योंकि कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन या फिर पौष्टिक आहार शरीर की जरूरत के हिसाब से तय किया जाता है. डॉक्टर का कहना है कि एक ही तरह के कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाने लेने के बजाय प्लेट में अलग-अलग पोषक तत्वों को जगह दें. प्लेट में हरी और दूसरी गैर-स्टार्च वाली सब्जियों जगह दें और डायबिटीज डाइट में दाल, चना, राजमा, लो-फैट दही, पनीर या इंसान की डाइट के हिसाब से दूसरे प्रोटीन स्रोत शामिल किए जा सकते हैं.
कार्बोहाइड्रेट पर कितना ध्यान देना चाहिए?
रोटी, चावल, आलू, पोहा, उपमा और दूसरे कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें ब्लड ग्लूकोज को इफेक्ट कर सकते हैं. इसलिए इन्हें पूरी तरह बंद करने के बजाय मात्रा और पूरी डाइट के संतुलन पर ध्यान देना जरूरी है. एक साथ बहुत ज्यादा चावल या रोटी खाने के बजाय अपनी जरूरत के हिसाब से खाएं.
क्या फलों का जूस पी सकते हैं?
डायबिटीज होने का मतलब यह नहीं कि फल पूरी तरह बंद कर देने चाहिए. फल पोषक तत्वों और फाइबर का स्रोत हैं, लेकिन फल की मात्रा और इंसान की डाइट को ध्यान में रखना जरूरी है. फलों का जूस पीने के बजाय साबुत फल खाना बेहतर ऑप्शन हो सकता है, क्योंकि जूस में फल का पूरा फाइबर नहीं मिल पाता और एक बार में ज्यादा मात्रा में फल का शुगर लिया जा सकता है.
डायबिटीज के मरीज को प्लेट में क्या कम करना चाहिए?
डायबिटीज में कुछ चीजों का सेवन लिमिटेड करना जरूरी है, खासकर ऐसी चीजें जिनमें ज्यादा चीनी, फैट या कैलोरी होती है. इसलिए आपको मिठाई, कैंडी और मीठे डेजर्ट, चीनी वाले सॉफ्ट ड्रिंक और मीठे ड्रिंक्स या बहुत ज्यादा तला-भुना खाना आदि से परहेज करना चाहिए. एम्स की हेल्थ जानकारी में भी डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए हाई-फैट व हाई-कैलोरी वाले खाने को कम करने की सलाह दी गई है.
क्या डायबिटीज में चावल बिल्कुल बंद कर देना चाहिए?
ऐसा जरूरी नहीं है कि हर इंसान डायबिटीज होने पर चावल पूरी तरह छोड़ दे. इससे ज्यादा यह जानना जरूरी है कि आप चावल कितनी मात्रा में, किस तरह और किस चीज के साथ खा रहे हैं. अगर प्लेट में चावल की मात्रा ज्यादा है और साथ में सब्जी, दाल या प्रोटीन कम है तो पूरी मील बिगड़ सकता है. हालांकि, आपको अपनी डाइट में कुछ भी शामिल करने से पहले डॉक्टर से बात करना बेस्ट हो सकता है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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Source- ICMR, AIIMS, Diabetes Atlas
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