प्यार में वफा की हर कोई ख्वाहिश रखता है, लेकिन कई मामलों में परिवार, स्वभाव, तीसरे के आने के कारण सालों पुराना रिश्ता पलभर में खत्म हो जाता है. इस स्थिति का सबसे गहरा असर उस शख्स को पड़ता है, जो सामने वाले व्यक्ति से ज्यादा जुड़ा होता है. आमतौर पर ब्रेकअप के बाद अगर कोई व्यक्ति दुखी रहने लगता है, तो लोग कहते हैं कि इसका दिल टूट गया है. ब्रेकअप के बाद दिल टूटने को ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम कहते हैं. आइए जानते हैं, क्या इस कारण व्यक्ति की मौत हो सकती है?
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क्या है ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम
Harvard Health Publishing के अनुसार, ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है, जिसमें दिल का मुख्य पंपिंग चैंबर यानी लेफ्ट वेंट्रिकल कमजोर हो जाता है. यह अक्सर किसी बहुत बड़े भावनात्मक या शारीरिक तनाव के बाद होता है, जैसे किसी करीबी की मौत, अचानक गंभीर बीमारी, बड़ा हादसा आदि कारण. इसे टाकोत्सुबो कार्डियोमायोपैथी (takotsubo cardiomyopathy) या स्ट्रेस-इंड्यूस्ड कार्डियोमायोपैथी (stress-induced cardiomyopathy) भी कहा जाता है.
कैसे दिखते हैं ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के लक्षण?
ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम में हार्ट अटैक जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जैसे अचानक सीने में तेज दर्द, दबाव या भारीपन. हालांकि, इसमें दिल की नसों में ब्लॉकेज की समस्या पैदा हो, जाए ऐसा जरूरी नहीं होता. जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों में सीने का दर्द हल्का हो सकता है, लेकिन सांस फूलना, अचानक बहुत ज्यादा थकान, ठंडा पसीना आना या चक्कर जैसा महसूस होना जैसे संकेत भी दिखाई दे सकते हैं, इसलिए इन्हें नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
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ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम से मौत हो सकती है?
Harvard की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के कारण एंजियोग्राफी में कोरोनरी आर्टरीज (हार्ट अटैक की सबसे आम वजह) में ब्लॉकेज का कोई सबूत नहीं मिला, ऐसे में यह कहना की दिल टूटने से हार्ट अटैक हो सकता है, ऐसा जरूरी नहीं है, इसके पीछे कई और कारण हो सकते हैं.
इतना ही नहीं, Harvard की रिपोर्ट बताती है कि ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम से ज्यादातर लोग पूरी तरह ठीक हो जाते हैं. आमतौर पर दिल की पंपिंग और उसकी मांसपेशियों की सामान्य गतिविधि एक से चार हफ्तों में सुधरने लगती है और ज्यादातर लोग दो महीने के अंदर-अंदर रिकवर कर लेते हैं और दोबारा होने का खतरा भी कम रहता है. हालांकि, कुछ लोगों में हार्ट फेलियर जैसे लक्षण लंबे समय तक बने रह सकते हैं. इस बात को भी समझे कि बहुत दुर्लभ मामलों में यह जानलेवा भी हो सकता है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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SOURCE: Harvard Health Publishing