आजकल लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर देखने के कारण आंखों में जलन, खुजली और सूखेपन की शिकायत आम हो गई है. कभी-कभी मौसम, धूल या प्रदूषण की वजह से भी आंखों में थोड़ी परेशानी हो सकती है, लेकिन अगर आंखों में रोजाना सूखापन, जलन या कुछ चुभने जैसा महसूस होता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अक्सर लोग इसे आम धूल या आदि कारण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और सोचते हैं कि वक्त के साथ ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा होता नहीं है. क्योंकि यह ड्राई आई सिंड्रोम (Dry Eye Syndrome) का संकेत हो सकता है. इस स्थिति में आंखों में पर्याप्त आंसू नहीं बनते या आंसू जल्दी सूख जाते हैं. इसकी वजह से आंखों की प्राकृतिक नमी कम हो जाती है और लगातार असहजता महसूस हो सकती है. आइए जानते हैं क्या है ये समस्या और इसके लक्षण कैसे दिखाई देते हैं?

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ड्राई आई सिंड्रोम क्या है?

Harvard Health Publishing के अनुसार, ड्राई आई सिंड्रोम ऐसी स्थिति है जिसमें आंखों को पर्याप्त नमी नहीं मिल पाती. सामान्य तौर पर आंसू आंखों की सतह को चिकना और सुरक्षित रखते हैं, लेकिन आंसुओं की कमी या उनके जल्दी सूख जाने पर आंखों में समस्या पैदा होने लगती है. इससे जलन, किरकिरापन और आंखों में कुछ फंसा होने जैसा अहसास हो सकता है. यह समस्या उम्र बढ़ने के साथ ज्यादा देखने को मिलती है और महिलाओं में इसकी संभावना ज्यादा हो सकती है. एलर्जी, आंखों की पलकों में सूजन और कुछ ऑटोइम्यून बीमारियों के साथ भी ड्राई आई की समस्या जुड़ी हो सकती है. इसलिए अगर आपको किसी तरह की समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.

ड्राई आई सिंड्रोम के प्रमुख लक्षण

ड्राई आई सिंड्रोम के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं. आमतौर पर आंखों में लगातार परेशानी या सूखापन महसूस होता है. इसके प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:

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  • आंखों में लगातार कुछ चुभने या किरकिरी होने जैसा महसूस होना.
  • आंखों में जलन या सूखापन रहना.
  • कम नमी वाली जगह या प्रदूषित हवा में जलन बढ़ना.
  • कॉन्टैक्ट लेंस पहनने में परेशानी होना.
  • सामान्य तरीके से आंसू न आना या रोने में परेशानी होना.
  • तेज रोशनी आंखों पर चभने लगना.
  • गंभीर स्थिति में आंखों में ऐसा लगना जैसे रेत पड़ी हो.
  • आंखों में चिपचिपा पदार्थ या म्यूकस जमा होना.

कैसे पाएं ड्राई आई सिंड्रोम से राहत

ड्राई आई का इलाज समस्या की वजह और गंभीरता पर निर्भर करता है.

  • Harvard Health Publishing के अनुसार, आर्टिफिशियल टियर्स का इस्तेमाल करें: डॉक्टर की सलाह से आर्टिफिशियल टियर्स या लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • धूल, धुआं और सीधी हवा से बचें: धूल, सिगरेट का धुआं, तेज हवा और एयर कंडीशनर की सीधी हवा आंखों का सूखापन बढ़ा सकती है.
  • गंभीर समस्या में डॉक्टर से जांच कराएं: अगर समस्या लगातार बनी रहती है या बहुत ज्यादा बढ़ गई है, तो आंखों के डॉक्टर से जांच जरूरी है. कुछ मामलों में आंसुओं को जल्दी निकलने से रोकने के लिए आंसू की नलिकाओं में छोटे प्लग लगाए जा सकते हैं.
  • अगर ड्राई आई की वजह पलकों में सूजन यानी ब्लेफेराइटिस है, तो डॉक्टर गर्म सिकाई और पलकों की हल्की मालिश की जा सकती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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SOURCE: Harvard Health Publishing