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क्या बच्चे का मुंह खोलकर सोना ठीक है? डॉक्टर ने बताया किन दिक्कतों का संकेत हो सकती है यह आदत

Muh Khol Kar Sona: बहुत से बच्चे मुंह खोलकर सोते हैं और पैरेंट्स को लगता है कि यह बच्चे की एक आम आदत है. लेकिन, इस आदत की जड़ तक जाना जरूरी है जिससे कि कोई गंभीर दिक्कत हो तो समय रहते पकड़ में आ जाए.

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छोटे बच्चे मुंह खोलकर क्यों सोते हैं?

Child Breathing From Mouth: ऐसे बहुत से बच्चे हैं जो मुंह खोलकर सोते हैं. बच्चे बचपन से ही मुंह खोलकर सोने के आदी हो जाते हैं और बड़े होते हुए भी उनकी यह आदत बनी रहती है. यह एक बुरी आदत के अलावा किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या का संकेत भी हो सकती है. इसी बारे में बता रहे हैं डेंटिस्ट डॉ. राहुल भाड़गे. डॉक्टर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट शेयर करके एक्सप्लेन किया है कि बच्चे का इस तरह मुंह खोलकर सोना (Muh Kholkar Sona) किन दिक्कतों के चलते हो सकता है और इस आदत से बच्चे को भविष्य में कौन-कौन सी परेशानियां हो सकती हैं.

यह भी पढ़ें – शरीर में किस कमी से मुंह सूखता है? डॉक्टर ने बताया कैसे दूर होगी यह समस्या

बच्चा मुंह खोलकर क्यों सोता है

डॉक्टर का कहना है कि अगर बच्चा मुंह खोलकर सोता है तो इस दिक्कत को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह एक छोटा संकेत हो सकता है जो भविष्य में उसके चेहरे, दांतों और पूरी हेल्थ को प्रभावित कर सकता है. कई माता-पिता का यह कहना होता है कि उनका बच्चा बचपन से ही मुंह खोलकर सोता है. लेकिन, ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चा नाक से सांस क्यों नहीं लेता है?

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शरीर ठीक तरह से सांस ले सके इसके लिए हमें नाक दी गई है. डॉक्टर बताते हैं कि जब बच्चा लगातार मुंह से सांस लेता है तो इसका मतलब है कि उसे कोई ना कोई दिक्कत होने लगी है.

मुंह से सांस लेने के कारण

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मुंह से सांस लेने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे नाक बंद होना, बार-बार एलर्जी होना, बढ़े हुए एडेनोइड्स, बढ़े हुए टॉन्सिल्स या हो सकता है कि मुंह खोलकर सोना बच्चे की एक आदत भर हो.

मुंह से सांस लेने पर क्या होता है

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अगर महीनों और सालों से बच्चा मुंह खोलकर सोता है तो अक्सर सिर्फ सांस लेने तक ही यह दिक्कत सीमित नहीं होती है. इसका असर बच्चे के पूरे शरीर पर नजर आता है. मुंह से सांस लेने वाले बच्चों का चेहरा अक्सर ही लंबा नजर आता है, ऊपर का जबड़ा छोटा या संकरा हो जाता है, दांत टेढ़े-मेढ़े आने लगते हैं और आगे चलकर बच्चे को ब्रेसेस की जरूरत पड़ सकती है.

मुंह खुला रहने से बच्चे का मुंह सूखता है जिससे दांतों की कैविटीज और मसूड़ों में भी समस्या का खतरा बढ़ जाता है. कई बार इस दिक्कत के कारण बच्चे का ध्यान पढ़ाई में भी नहीं लगता है.

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समय पर जांच करवाना है जरूरी

डॉक्टर कहते हैं कि अगर आपका बच्चा भी अगर मुंह खोलकर सोता है तो इंतजार ना करें और डॉक्टर से जांच करवाएं. सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि बच्चे को मुंह से सांस लेने की जररूत क्यों पड़ती है. आप ENT डॉक्टर या डेंटिस्ट से जांच करवा सकते हैं. जितनी जल्दी परेशानी समझ आएगी उतनी जल्दी ही इलाज हो सकेगा.

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यह भी पढ़ें – ठाणे में 1 महीने के बच्चे का निकाला गया दांत! जानिए Natal Teeth को हटाना कब है जरूरी

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.


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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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