डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है, जो खराब लाइफस्टाइल, खानपान और मोटापे के कारण अक्सर लोगों को अपना शिकार बना लेती है. आज न सिर्फ भारत में बल्कि दुनियाभर में इस बीमारी का खतरा बना हुआ है और बड़ी संख्या में लोग इसे कंट्रोल में रखने के लिए रोजाना 2-3 टाइम दवाओं का सेवन करते हैं. लेकिन कई लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि सुबह खाली पेट और खाने व पीने के 2 घंटे बाद शुगर लेवल कितना होना सेफ है? हम आपको इस स्टोरी में बताएंगे कि अच्छी सेहत के लिए शुगर लेवल कितना होना चाहिए ताकि आपकी सेहत बनी रहे और आप हेल्दी रहे.
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क्यों व्यक्ति बन जाता है डायबिटीज का शिकार?
डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसमें शरीर में ब्लड शुगर यानी रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य से ज्यादा बढ़ जाता है. ऐसा तब होता है जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति सही प्रतिक्रिया नहीं देती हैं, जिससे अग्न्याशय (पैंक्रियाज) द्वारा बनाया गया इंसुलिन प्रभावी रूप से इस्तेमाल नहीं हो पाता और ये बीमारी पैदा होने लगती है. इस बीमारी के कारण सिर्फ व्यक्ति इस बीमारी का शिकार नहीं होता है, बल्कि उसके अंदर दिल से जुड़ी बीमारी, किडनी, फेफड़े आदि की बीमारी पैदा होने लगती है. इसलिए जरूरी है कि वक्त रहते इसके बारे में जानें और इसे कंट्रोल रखें, ताकि सेहत पर ज्यादा गंभीर प्रभाव न पड़े.
खाली पेट कितना होना चाहिए शुगर लेवल
शुगर लेवल को नियमित रूप से जांच करते रहना जरूरी है, क्योंकि तभी आप इसे ठीक से कंट्रोल कर पाएंगे. सुबह खाली पेट ये जांच काफी जरूरी है, ऐसे में सवाल उठता है कि सुबह के समय कितना होना चाहिए शुगर लेवल? American Diabetes Association के अनुसार, यह टेस्ट आपके खाली पेट ब्लड ग्लूकोज के लेवल की जांच करता है. खाली पेट का मतलब है कि टेस्ट से कम से कम 8 घंटे पहले तक कुछ भी न खाना-पीना (पानी के अलावा). यह टेस्ट आमतौर पर सुबह सबसे पहले, नाश्ते से पहले किया जाता है. अगर टेस्ट के बाद किसी व्यक्ति का शुगर लेवल 100mg/dl से कम होता है, तो वह नॉर्मल है. वहीं प्री-डायबिटीज 100 mg/dL से 125 mg/dL और 126 mg/dL या उससे ज्यादा डायबिटीज कहलाता है.
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खाने व पीने के 2 घंटे बाद
OGTT दो घंटे का एक टेस्ट है जिसमें एक खास मीठा ड्रिंक पीने से पहले और दो घंटे बाद आपके ब्लड ग्लूकोज के लेवल की जांच की जाती है. इससे डॉक्टर को पता चलता है कि आपका शरीर शुगर को कैसे प्रोसेस करता है. दो घंटे बाद ब्लड ग्लूकोज का लेवल 200 mg/dl या उससे ज्यादा होने पर डायबिटीज का पता चलता है. इस टेस्ट में सामान्य 140 mg/dL से कम, प्री-डायबिटीज 140 से 199 mg/dL और डायबिटीज 200 mg/dL या उससे ज्यादा. इसलिए जब भी आप टेस्ट करें, तो इन आंकड़ों को देखें और डॉक्टर से सलाह लेते रहे.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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