खिड़की से भी होता है भाग्योदय, आती है सुख-समृद्धि; जानें क्या कहता है वास्तुशात्र

Windows Vastu Tips: वास्तु शास्त के अनुसार, एक संतुलित घर या मकान में जितना महत्व दरवाजों का है, उतने ही महत्वपूर्ण खिड़कियां भी होती हैं। आइए जानते हैं, इस शास्त्र के मुताबिक खिड़की से जुड़े शुभ और अशुभ वास्तु नियम क्या हैं और खिड़कियों के संबंध में क्या-क्या ध्यान रखना चाहिए, ताकि भाग्योदय बाधित न हो?

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Windows Vastu Tips: यदि आप सोचते हैं कि केवल घर के दरवाजे ही सौभाग्य, समृद्धि और ऐश्वर्य को बढ़ाते हैं, तो आप पूरी तरह से सही नहीं हैं. क्योंकि, घर की वास्तु में विंडो यानी खिड़की को आप नजरंदाज नहीं कर सकते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, मकान की खिड़की स्थिति, दिशा, बनावट, आकार, रंग-रोगन, लकड़ी, कांच आदि अनेक पहलुओं का घर की वास्तु पर सीधा असर पड़ता है। खिड़की के वास्तु दोष से जहां भाग्योदय बाधित हो सकता हैं, वहीं वास्तु के अनुसार उपयुक्त खिड़की जीवनस्तर और लाइफस्टाइल को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा देता है। आइए जानते हैं, खिड़की से जुड़े वास्तु नियम क्या हैं और किस प्रकार खिड़कियां शुभ और अशुभ मानी गई हैं?

दरवाजे के विपरीत विंडो हैं बेस्ट

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में वास्तु संतुलन बनाए रखने के लिए खिड़कियां हमेशा दरवाजे के विपरीत होनी चाहिए। यह न केवल हवा के क्रॉस-वेंटिलेशन और उचित प्रवाह को बनाए रखता है बल्कि घर में और सकारात्मक माहौल कायम रखता है। घर उत्तर की दीवार पर उत्तर दिशा की ओर खिड़कियां लगाने से घर में हवा और रोशनी दोनों आती हैं। मान्यता है कि विषम खिड़की की संख्या वाले घर में देवी लक्ष्मी निवास नहीं करती हैं।

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सम होनी चाहिए खिड़कियों की संख्या

इस शास्त्र के अनुसार, घर में हमेशा खिड़कियों की संख्या इवन यानी सम (Even) होनी चाहिए यानी यह 2, 4, 6, 8 आदि की संख्या में होने चाहिए। विषम संख्या की खिड़कियों वाले घर को वास्तु दोष से युक्त माना जाता है। इससे घर के सदस्यों में एकता का अभाव हो सकता है।

इस दिशा में भूल से भी न बनवाएं खिड़कियां

मकान की दक्षिण-पश्चिम दिशा में भूल से भी खिड़कियां नहीं होनी चाहिए। वास्तु के मुताबिक यह दिशा अच्छी नहीं मानी जाती है, क्योंकि यह धन हानि को बढ़ाता है। वैज्ञानिक रूप से भी यह गलत है। बता दें, सूर्य के प्रकाश की हानिकारक पराबैंगनी किरणें इस दिशा में सबसे अधिक असर करती हैं।

यह भी ध्यान में रखें

  • आयताकार खिड़कियां सबसे अच्छी मानी गयी हैं। अनियमित आकार या फैंसी आकार की खिड़कियां रखने से बचें क्योंकि ये शुभ नहीं होते हैं।
  • यदि खिड़कियां टूटी हुई हो या उनमें दरार हो, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए, क्योंकि वास्तु के अनुसार यह बेहद अशुभ माना जाता है।
  • यदि घर की खिड़कियां खुलते या बंद होते समय आवाज करते हैं, तो उनकी तत्काल मरम्मत करवा देनी चाहिए या बदल दिया जाना चाहिए, अन्यथा इससे घर में झगड़े हो सकते हैं।
  • उत्तर की दीवार की खिड़कियां ऊंची और चौड़ी होने के साथ-साथ उत्तर-पूर्व की ओर अधिक झुकी हुई होनी चाहिए।
  • पूर्व दिशा की दीवार पर लगी किसी भी खिड़की का झुकाव उत्तर-पूर्व की ओर अधिक होना चाहिए।
  • घर की सभी खिड़कियां एक समान आकार की होने के साथ-साथ ऊँचाई और आकार में आनुपातिक होनी चाहिए।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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