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दवाइयों का खर्च 80% तक घटाना है? बस इस सरकारी ऐप को कर लें डाउनलोड

महंगी दवाइयों से परेशान हैं? अब वही दवाएं 80% तक सस्ती मिल सकती हैं. सरकार का ये ऐप आपको ब्रांडेड दवाओं के सस्ते और भरोसेमंद जेनेरिक विकल्प दिखाता है. बस कुछ टैप में दवा खोजिए, नजदीकी स्टोर ढूंढिए और इलाज का खर्च आधा से भी कम कर दीजिए.

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इस सरकारी ऐप को कर लें डाउनलोड. (Photo-AI)

महंगी दवाइयों की वजह से इलाज का खर्च आज हर परिवार के लिए बड़ी चिंता बन गया है. खासकर तब, जब डॉक्टर ब्रांडेड दवाइयां लिखते हैं और जेब पर सीधा असर पड़ता है. लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि वही दवाएं, उसी क्वालिटी के साथ, बेहद कम कीमत में भी मिल सकती हैं. सरकार के जनऔषधि सुगम मोबाइल ऐप की मदद से अब आप दवाइयों पर 80 फीसदी तक की बचत कर सकते हैं, वो भी बिना क्वालिटी से समझौता किए.

अक्सर मरीज ब्रांडेड दवाओं के लिए ज्यादा पैसे चुका देते हैं, जबकि उन्हीं दवाओं के सुरक्षित और सरकारी तौर पर मंजूर जेनेरिक विकल्प बाजार में मौजूद होते हैं. जानकारी की कमी और सही विकल्प न मिलने की वजह से लोग बेवजह महंगा इलाज करवाने को मजबूर हो जाते हैं.

जनऔषधि सुगम ऐप क्या करता है?

जनऔषधि सुगम ऐप मरीजों को यह जानने में मदद करता है कि उनकी लिखी गई ब्रांडेड दवा का सस्ता जेनेरिक विकल्प क्या है. साथ ही, यह ऐप नजदीकी प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र की जानकारी भी देता है, जहां ये दवाएं आसानी से उपलब्ध होती हैं.

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इससे आपको क्या फायदा होगा?

इस ऐप के जरिए आप दवाओं की कीमत की तुलना कर सकते हैं और देख सकते हैं कि जेनेरिक दवा कितनी सस्ती है. कई मामलों में कीमत 60 से 80 फीसदी तक कम होती है, जिससे लंबे इलाज में बड़ी रकम बचाई जा सकती है.

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जनऔषधि सुगम ऐप कैसे इस्तेमाल करें (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)

• सबसे पहले अपने मोबाइल में जनऔषधि सुगम ऐप डाउनलोड करें, यह Android और iOS दोनों पर उपलब्ध है
• ऐप खोलकर अपनी पर्ची में लिखी ब्रांडेड दवा का नाम या उसका साल्ट/मॉलिक्यूल नाम सर्च करें
• स्क्रीन पर उसी दवा का जनऔषधि जेनेरिक विकल्प दिख जाएगा, जिसकी कीमत काफी कम होगी
• “Locate Store” विकल्प पर जाकर अपने नजदीकी प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र की लोकेशन देखें
• दवा खरीदने से पहले ऐप के “Medicine Lab Test” सेक्शन में जाकर उस बैच की क्वालिटी रिपोर्ट भी चेक कर सकते हैं

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क्वालिटी को लेकर भरोसा क्यों करें?

जनऔषधि की दवाएं सरकारी मानकों पर खरी उतरती हैं और नियमित लैब टेस्टिंग से गुजरती हैं. ऐप में उपलब्ध रिपोर्ट्स से मरीज खुद भी दवा की गुणवत्ता की पुष्टि कर सकता है, जिससे भरोसा और पारदर्शिता बनी रहती है.

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कम खर्च में बेहतर इलाज की ओर कदम

अगर आप चाहते हैं कि इलाज का खर्च कम हो और दवाइयों पर बेवजह पैसे न जाएं, तो जनऔषधि सुगम ऐप आपके लिए एक आसान और भरोसेमंद समाधान हो सकता है. थोड़ी सी जानकारी और सही ऐप के इस्तेमाल से आपका मेडिकल बजट काफी हद तक हल्का हो सकता है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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