AC Blast due to Wire: मार्केट में तरह-तरह के एयर कंडीशनर हैं और सभी अपनी-अपनी खासियत के लिए जाने जाते हैं। यहां तक कि कई कंपनियां ऐसी भी हैं जिनका दावा होता है कि उनके AC में आग नहीं लग सकती है। हालांकि, फिर भी गर्मियों में कई तरह के मामले AC में आग लगने या ब्लास्ट होने जैसे सामने आते रहते हैं, तो ऐसे में क्या सिर्फ कंपनी का प्रोडक्ट जिम्मेदार है या हम ही अपनी तरफ से कुछ चूक कर बैठते हैं?
AC Blast के लिए कौन जिम्मेदार?
कंपनी के दावे और वादे पर विश्वास करते हुए अगर आप आंख बंद करके एसी खरीदते हैं तो यहां गलती आपकी है। हालांकि, अगर आप उनमें से हैं जो ऐसा एयर कंडीशनर ही खरीदना पसंद करते हैं जिसकी अच्छी रेटिंग होती है और वो फीचर्स के मामले में कई तरह से सुरक्षित होता है तो ये एक समझदारी का काम है। किसी भी कंपनी का एसी खरीदने से पहले उसके बारे में सही से जानने के साथ उसकी जानकारी को भी सही पढ़ लेना एक समझदारी है।
AC लगाने की भूल भी हो सकती है ब्लास्ट की वजह!
दरअसल, कई लोग कुछ पैसा बचाने के चक्कर में AC किसी दूसरी कंपनी का और उसके लिए कंप्रेसर किसी दूसरी कंपनी का अपना लेते हैं। जबकि, कुछ तो गलत तरह की वायरिंग की भी गलती करते हैं जो कहीं न कहीं एसी में आग लगने की वजह बन सकती है।
AC Wire से भी है आग का खतरा
अगर आपका AC एल्यूमीनियम की वायर से चलता है तो आपकी ये भूल खुद आग का कारण बन सकती है। बिजली विभाग की ओर से भी सही वायरिंग की हमेशा से सलाह दी जाती है। ऐसा प्रोडक्ट जो अधिक बिजली लोड लेता है उसके लिए एक अच्छे वायर का होना जरूरी है।
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AC के लिए कौन सी वायर सही?
गर्मियों में एयर कंडीशनर का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ जाता है और बिजली का लोड भी बहुत ज्यादा हो जाता है। ऐसे में किसी भी तार का इस्तेमाल करना सही नहीं है। आपको कम से कम 4 mm की वायर का इस्तेमाल करना चाहिए और वो भी एल्यूमीनियम की नहीं बल्कि कॉपर की वायर (Copper Wire) होनी चाहिए। इसकी फिटिंग के साथ एसी में आग का खतरा कम हो सकता है। हालांकि, बिजली की तार के अलावा अन्य कारण भी हैं जो AC में आग लगने की वजह बनते हैं। एयर कंडीशनर को ऑपरेट करने के लिए 4 मिलीमीटर वाले कॉपर वायर का यूज किया जाता है।
ISI मार्क का होना भी जरूरी
बिजली की तार में ISI मार्क भी जरूर चेक कर लें। अगर किसी वायर में ISI की मार्किंग नहीं है तो वो तार क्वालिटी की गारंटी के साथ नहीं है। जबकि, ISI मार्क वाली वायर्स क्वालिटी के दावे के साथ होती हैं। भारत में औद्योगिक उत्पादों के लिए इस मार्क को एक मानक-अनुपालन का चिह्न माना जाता है। इसलिए अगर आपको लगता है कि आप से एसी की वायरिंग की कोई चूक हो गई है तो तुरंत एसी की जांच करवाएं और वायरिंग को चेंज करा लें।
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