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जब US आर्मी ने पकड़ा तो क्या कर रहे थे मादुरो के सिक्योरिटी गार्ड्स? जानिए- वेनेजुएला में क्यों तैनात थे क्यूबाई सैनिक

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सुरक्षा में 24 घंटे करीब 2000 कमांडोज तैनात रहते थे. ये कमांडोज वेनेजुएला की आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के सबसे खूंखार जवान थे.

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अमेरिकी सैनिक निकोलस मादुरो को बहुत ही आसानी से पत्नी समेत अमेरिका उठा ले गए.

अमेरिका के साथ तनाव बढ़ने के बाद पिछले कुछ महीनों से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अपनी सुरक्षा को लेकर ज्यादा सचेत हो गए थे. वह हर रोज अलग-अलग बिस्तर पर सोते थे. हर बार वह अलग फोन यूज करते थे, ताकि उनकी लोकेशन ट्रैक ना हो सके. शेड्यूल इवेंट्स और लाइव ब्रॉडकास्ट में बेहद कम नजर आते थे. उन्हें आखिरी बार नए साल के दिन वेनेजुएला के सरकारी टीवी पर एक इंटरव्यू में देखा गया था. इस इंटरव्यू में उन्होंने अमेरिका को एक भाई देश कहा था. साथ ही कहा था कि अगर अमेरिका चाहता है कि ड्रग मामले का समाधान निकाला जाए तो वेनेजुएला बातचीत के लिए तैयार है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी सुरक्षा में 24 घंटे करीब 2000 कमांडोज तैनात रहते थे. ये कमांडोज वेनेजुएला की आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के सबसे खूंखार जवान थे. मादुरो की सुरक्षा ऐसी थी कि उसे आसानी से नहीं भेदा जा सकता था. लेकिन फिर भी अमेरिकी सैनिक बहुत ही आसानी से उन्हें पत्नी समेत अमेरिका उठा ले गए. अब सवाल पैदा होता है कि अगर इतनी सुरक्षा थी तो उस वक्त उनके सुरक्षा गार्ड्स क्या कर रहे थे? इसके अलावा दूसरा सवाल है कि वेनेजुएला में क्यूबा के सैनिक क्या कर रहे थे?

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सुरक्षा टीम में बदलाव

जैसे-जैसे अमेरिका के साथ तनाव बढ़ता गया मादुरो अपनी सुरक्षा टीम में बदलाव करते गए. वह क्यूबाई एजेंटों से घिरे रहते थे. उनके पास इस दौरान कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं होती थी. उन्होंने अपनी इंटेलिजेंस में भी काफी क्यूबाई अधिकारियों को शामिल किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब से मादुरो ने वेनेजुएला की सत्ता संभाली है, तब से क्यूबा उन्हें सुरक्षा दे रहा है.

क्यूबा का बयान

अमेरिका के हमले के बाद क्यूबा ने बयान जारी कर कहा कि इसमें उसके 32 नागरिकों की मौत हो गई. ये लोग सेना और खुफिया एजेंसियों से जुड़े हुए थे. हालांकि, यह साफ नहीं बताया गया कि इनमें से कितने राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात थे. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मादुरो हाल के महीनों में क्यूबा के सैनिकों पर ज्यादा डिपेंड हो गए थे. इसके बाद सवाल उठने लगे कि वेनेजुएला में क्यूबा सैनिक क्या कर रहे थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्यूबा का कहना है कि वेनेजुएला की एजेंसियों के अनुरोध पर ये सैनिक वेनेजुएला में मिशन पर थे.

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यह भी पढ़ें : राष्ट्रपति मादुरो के बॉडीगार्ड्स भी अमेरिका के लिए कर रहे थे काम, ट्रंप सरकार ने रिश्वत में दी इतनी मोटी रकम

खरीद लिए थे गार्ड्स

सबसे सनसनीखेज खुलासा ये सामने आया कि मादुरो के निजी बॉडीगार्ड्स भी अमेरिका के लिए काम कर रहे थे. अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों ने मादुरो के प्राइवेट बॉडीगार्ड्स को भी खरीद दिया था. इसके लिए अमेरिकी सरकार ने 50 मिलियन डॉलर की मोटी रिश्वत दी थी, जिससे मादुरो को पकड़ना बच्चों का खेल हो गया.

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अपनों ने दिया धोखा

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला सरकार में अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने अपना इनसाइडर घुसा रखा था. यह इनसाइडर इतना अंदर घुसा हुआ था कि वह अमेरिकी सुरक्षाबलों को मादुरो के बारे में पल-पल की जानकारी मुहैया करवा रहा था. मादुरो क्या खाते हैं, कहां और कब सोते हैं, क्या पहनते हैं… ये सब जानकारी सीआईए को दी गई. कई महीनों से मादुरो की जासूसी की जा रही थी.

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CIA ने अगस्त महीने की शुरुआत से ही वेनेजुएला में अपनी एक टीम तैनात कर रखी थी. यह टीम मादुरो के डेली रुटीन के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही थी. इसके अलावा मादुरो के ही एक करीबी व्यक्ति से भी CIA को मदद मिली.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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