अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है. अमेरिका के सुरक्षा बलों ने शनिवार तड़के काराकास में हमला किया था. इसके बाद वहां के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर अमेरिका ले गए. अब मादुरो के खिलाफ न्यूयार्क में मुकदमा चलेगा. मादुरो को पकड़ने के लिए ऑपरेशन Absolute Resolve चलाया गया था. इसकी प्लानिंग और रिहर्सल महीनों से की जा रही थी. अमेरिका ने पहले वेनेजुएला के तट पर अपनी सेना की तैनाती बढ़ाई. इसके साथ ही खुफिया एजेंसियां मादुरो की दिनचर्या की बारीकी से स्टडी कर रही थीं. उनकी लोकेशन के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही थी, कि वह किस समय कहां रहते हैं. मादुरो के पालतू जानवरों और कपड़ों के बारे में भी जानकारी इकट्ठा की गई.
अमेरिकी सेना ने मात्र 2.20 घंटे ऑपरेशन चलाकर वेनेजुएला में तख्ता पलट कर दिया. लेकिन सवाल यह है कि आखिर अमेरिका सेना ने इस ऑपरेशन की कैसे तैयारी की थी, कि इतने कम समय में और इतनी आसानी से मिशन को अंजाम दे दिया.
वेनेजुएला सरकार में घुसाया अपना जासूस
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला सरकार में अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने अपना इनसाइडर घुसा रखा था. सीआईए का यह इनसाइडर ही मादुरो की लगातार जासूसी कर रहा था. यह इनसाइडर इतना ज्यादा अंदर घुसा हुआ था कि वह अमेरिकी सुरक्षाबलों को मादुरो के बारे में पल-पल की जानकारी मुहैया करवा रहा था. मादुरो क्या खाते हैं, कहां और कब सोते हैं, क्या पहनते हैं… ये सब जानकारी सीआईए की दी गई. कई महीनों से मादुरो की जासूसी की जा रही थी. अमेरिका ने जो ऑपरेशन किया है, वह उस इनसाइडर की ओर से मुहैया करवाई गई जानकारी के आधार पर ही किया गया.
इसके अलावा स्टील्थ ड्रोनों से भी मादुरो की जासूसी की गई थी. इन ड्रोनों को पकड़ना मुश्किल है, क्योंकि ये बिना सिग्नल के अपने टारगेट को ढूंढ़ सकते हैं.
मादुरो के करीबी ने भी की जासूसी
CIA ने अगस्त महीने की शुरुआत से ही वेनेजुएला में अपनी एक छोटी टीम तैनात कर रखी थी. यह टीम मादुरो के डेली रुटीन के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही थी. इसके अलावा मादुरो के ही एक करीबी व्यक्ति पर भी CIA ने भरोसा किया. मादुरो के उस करीबी से भी सीआईए को जानकारी मिलती रही. यानी मादुरो की सरकार में भी ‘विभीषण’ मौजूद था.
घर की रिप्लिका से रिहर्सल
मादुरो जिस घर में रहते थे अमेरिकी सेना ने उसकी रिप्लिका बनाई थी. इसी रिप्लिका के जरिए ऑपरेशन की रिहर्सल की गई थी. डोनाल्ड ट्रंप ने बताया था कि मादुरो जिस घर में रहते थे, वह किले की तरह था. उस घर के चारों तरफ स्टील लगा हुआ था. रिप्लिका में भी स्टील लगाई गई थी. अमेरिकी सैनिक इस तैयारी के साथ गए थे कि वे अपने साथ ऐसी मशीनें ले गए थे, जरूरत पड़ने पर स्टील भी काटा जा सकता था.
15,000 सैनिक, फाइटर जेट
अमेरिका ने कैरिबियन में बड़ी तादाद में मिलिट्री तैनात की थी. इनमें एक एयरक्राफ्ट कैरियर, 11 वॉरशिप और एक दर्जन से ज्यादा F-35 फाइटर जेट शामिल हैं. 15,000 से ज्यादा US सैनिकों को इस इलाके में भेजा गया था. इस इलाके में रिफ्यूलिंग टैंकर और ड्रोन भी तैनात किए गए थे. बॉम्बर, फाइटर जेट और टोही प्लेन समेत 150 से ज्यादा एयरक्राफ्ट इस मिशन में लगाए गए थे. अमेरिका ने वेनेजुएला के एयर डिफेंस सिस्टम और दूसरे मिलिट्री टारगेट को निशाना बनाया गया. अमेरिकी सैनिकों ने ऑपरेशन शुरू होने से पहले काराकास की बिजली भी काट दी थी, जिसकी वजह से पूरा शहर अंधेरे में डूब गया था.