US Midterm Elections Explained : अमेरिका में इस समय मिड-टर्म चुनावों की हलचल है, लेकिन सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि ये चुनाव राष्ट्रपति पद के लिए नहीं हो रहे हैं. राष्ट्रपति का चुनाव 4 साल में एक बार होता है. डोनाल्ड ट्रंप को दूसरी बार राष्ट्रपति बने अभी 2 साल ही हुए हैं, ऐसे में अगला राष्ट्रपति चुनाव 2028-2029 में आएगा. इसके अलावा अमेरिकी संविधान के मुताबिक कोई भी व्यक्ति सिर्फ दो बार ही राष्ट्रपति बन सकता है, इसलिए ट्रंप अगला चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. तो फिर वोटिंग किस बात की हो रही है? दरअसल, यह चुनाव अमेरिका की संसद यानी ‘कांग्रेस’ का है.
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हाउस ऑफ रेप्रेजेंटेटिव्स: अमेरिका की ‘लोकसभा’
भारत की तरह अमेरिकी संसद के भी दो सदन हैं. पहला है ‘हाउस ऑफ रेप्रेजेंटेटिव्स’, जिसे आम बोलचाल में ‘हाउस’ कहा जाता है. इसमें कुल 435 सदस्य होते हैं और इनका चुनाव हर 2 साल में होता है. भारत की लोकसभा की तरह यहां भी राज्यों को आबादी के आधार पर सीटें मिलती हैं. यानी बड़े राज्यों के पास ज्यादा और छोटे राज्यों के पास कम सांसद होते हैं. भारत में जिस पार्टी के ज्यादा सांसद होते हैं, उसका प्रधानमंत्री बनता है. लेकिन अमेरिका में राष्ट्रपति को जनता अलग से चुनती है और संसद को अलग से. इसलिए जरूरी नहीं कि जिस पार्टी का राष्ट्रपति हो, संसद में भी उसी का बहुमत हो.
सीनेट: राज्यों की बराबर भागीदारी वाली ‘राज्यसभा’
संसद का दूसरा सदन ‘सीनेट’ कहलाता है, जो भारत की राज्यसभा जैसा है. हालांकि, इसका चुनावी सिस्टम काफी अलग है. भारत में राज्यसभा सांसदों को जनता सीधे नहीं चुनती, लेकिन अमेरिका में सीनेट सदस्यों के लिए भी जनता ही सीधे वोट डालती है. यहां छोटा हो या बड़ा, हर राज्य से केवल 2 सीनेटर ही चुने जाते हैं. यानी 50 राज्यों से कुल 100 सदस्य. सीनेटर का कार्यकाल 6 साल का होता है. हर 2 साल में एक-तिहाई सीटें खाली होती हैं, इसलिए हर 2 साल में सिर्फ इन्हीं सीटों पर चुनाव कराए जाते हैं. संक्षेप में समझें तो अमेरिका में राष्ट्रपति 4 साल के लिए, हाउस के सदस्य 2 साल के लिए और सीनेटर 6 साल के लिए चुने जाते हैं. यही वजह है कि राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच में संसद का चुनाव आ जाता है, जिसे ‘मिड-टर्म’ कहा जाता है.
अमेरिकी संसद में अभी क्या है स्थिति?
वर्तमान में दोनों ही सदनों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है. कुल 100 सदस्यों में से 53 रिपब्लिकन पार्टी के हैं. विपक्ष यानी डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 45 सदस्य हैं और 2 निर्दलीय भी उनके साथ बैठते हैं. इस तरह 53 सदस्य ट्रंप के साथ और 47 विपक्ष में हैं. हाउस में कुल 435 सीटें हैं. यहां भी रिपब्लिकन पार्टी के पास बहुमत है, लेकिन यह बहुमत बेहद मामूली है. उनके पास कुल 218 सीटें हैं.
इस चुनाव में क्या दांव पर है?
इस बार के चुनाव में पूरे हाउस की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों के लिए मतदान हो रहा है. डेमोक्रेटिक पार्टी को सीनेट में अपनी पकड़ मजबूत करने और बहुमत हासिल करने के लिए रिपब्लिकन पार्टी से कम से कम 4 सीटें छीननी होंगी.
हालांकि, इस पूरे चुनाव में दुनिया की नजरें खास तौर पर उस राज्य पर लगी हैं, जहां अभी डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर का कब्जा है. सवाल यह है कि क्या ट्रंप विरोधी लहर के बीच डेमोक्रेटिक पार्टी अपनी इस सीट को बचा पाएगी या रिपब्लिकन पार्टी वहां सेंध लगाने में कामयाब होगी.
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