25 साल पहले जब अमेरिकी प्रतिबंधों के आगे नहीं झुका भारत, US को हटना पड़ा था पीछे
Author: Akarsh Shukla
Sep 22, 2026 11:05 PM IST
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित करते हुए एक बार फिर से टैरिफ का जिक्र किया. हालांकि इस बार उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है, साथ ही यह भी कहा कि दुनिया को ईरान के खिलाफ आर्थिक बहिष्कार भी करना चाहिए. ये पहली बार नहीं है, जब डोनाल्ड ट्रंप या किसी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने मतभेदों के चलते दूसरे देश पर प्रतिबंध लगाए हों. 25 साल पहले अमेरिका ने भारत पर भी कई कड़े प्रतिबंध लगाए थे, हालांकि तत्कालीन केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने यूएस के आगे झुकने की बजाए डटकर मुश्किलों का सामना करने का फैसला किया.
25 साल पहले अमेरिका ने भारत को दिखाए तेवर
बात वर्ष 1998 की है, जब 11 मई को राजस्थान के पोखरण में भारत ने परमाणु परीक्षण किए. तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने इसे भारत की सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों से जोड़ा था. लेकिन अमेरिका के उस समय के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को भारत का परमाणु परीक्षण पचा नहीं और उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कुछ दिनों बाद भारत पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए.
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अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच पाकिस्तान ने छेड़ा युद्ध
अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से मिलने वाली सहायता और लोन मिलना मुश्किल हो गया. इसके अलावा रक्षा उपकरणों की बिक्री, सैन्य वित्तीय सहायता और कई तरह के तकनीकी सहयोग पर रोक लगाई गई. गौरतलब है कि अमेरिकी प्रतिबंधों का असर भारत पर पड़ा और इसी दौरान कारगिल युद्ध में रक्षा उपकरणों की पहुंच एक चुनौती बन गई.
भारत ने कैसे किया दोनों चुनौतियों का सामना?
इसके बावजूद भारत ने अपनी आर्थिक नीतियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को जारी रखा. सरकार ने अमेरिका के साथ-साथ यूरोप, रूस, खाड़ी देशों और एशिया के अन्य देशों के साथ व्यापारिक रिश्तों को मजबूत किया. इस दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे आगे बढ़ती रही. 2003 तक भारत की GDP वृद्धि दर करीब 7.8 प्रतिशत तक पहुंच गई थी. उधर, भारत ने प्रतिबंधों के बावजूद अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता बंद नहीं किया. साल 2000 में राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत दौरे पर आए. इसके बाद दोनों देशों के संबंधों में धीरे-धीरे सुधार हुआ. 22 सितंबर 2001 को राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने भारत पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटा दिया.
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