हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

दिल्ली पुलिस ने धरना-प्रदर्शन की लिस्ट से क्यों हटाया जंतर-मंतर का नाम? अब इन 3 जगहों पर ही प्रोटेस्ट की मंजूरी

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की आधिकारिक सूची से बाहर कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों के लिए टॉयलेट और पानी जैसी जरूरी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठा था. साथ ही संसद भवन के बेहद करीब होने के चलते सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए यह बड़ा फैसला लिया गया.

विज्ञापन
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर का नाम अधिकृत प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है. Credit ANI

देश की राजधानी दिल्ली में सालों से आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों की पहचान रहे जंतर-मंतर को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है. दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को अधिकृत प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है. अब राजधानी में किसी भी तरह के धरने या प्रदर्शन के लिए आयोजकों को अन्य तय जगहों का रुख करना होगा. दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार द्वारा जारी स्टैंडिंग ऑर्डर के मुताबिक, अब राजधानी में धरने और विरोध प्रदर्शनों के लिए तीन नई जगहें तय की गई हैं, रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड.

यह भी पढ़ें : ‘अब पूरा देश बनेगा…’, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर रोक को लेकर बोले अभिजीत दीपके

जंतर-मंतर को हटाने की क्या रही वजह?

यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद चर्चा में आया. मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित आंदोलन को लेकर सुरक्षा और पाबंदियों से जुड़ी याचिका पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई की थी.
सुनवाई के दौरान यह बात भी प्रमुखता से सामने आई कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए जरूरी नागरिक सुविधाएं नहीं हैं. आसपास सांसदों और सरकारी अधिकारियों के आवास हैं, जिससे वहां शौचालय और पीने के पानी जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं सीमित हैं. कई दिनों तक चलने वाले आंदोलनों में प्रदर्शनकारियों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था.

विज्ञापन

जंतर-मंतर को हटाने के पीछे सबसे अहम कारण

केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में दलील दी थी कि जंतर-मंतर संसद भवन के बेहद करीब है, जो देश की संप्रभुता का प्रतीक है. पूर्व में एक दिन की अनुमति लेकर 17 दिनों तक प्रदर्शन चलने और संसद की ओर कूच करने की घटनाएं सामने आई थीं. ऐसे में यहां लगातार जुटने वाली भीड़, लंबे समय तक चलने वाले धरने और कई मौकों पर संसद की तरफ बढ़ने की कोशिशों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी. सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने और वीवीआईपी इलाके में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इसे धरना स्थल की लिस्ट से अलग करना जरूरी समझा गया.

इमरजेंसी सेवाओं में रुकावट

संकरे रास्ते और लगातार भीड़ के कारण यहां एंबुलेंस जैसी आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को पहुंचने में भी दिक्कतें आ रही थीं. अगर किसी प्रदर्शनकारी या स्थानीय नागरिक की तबीयत अचानक बिगड़ती, तो जाम के चलते समय पर मदद पहुंचाना मुश्किल हो जाता था. अदालत ने भी माना कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार जरूरी है, लेकिन इसके लिए ऐसी जगह होनी चाहिए जहां लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें और आम जनजीवन या सुरक्षा प्रभावित न हो. इन्ही वजहों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने यह निर्णय लिया.

विज्ञापन

अब कहां हो सकेंगे प्रदर्शन?

नए आदेश के तहत तय किए गए तीन स्थलों में रामलीला मैदान संसद के सबसे नजदीक है, जबकि बुराड़ी ग्राउंड सबसे दूर स्थित है. वहीं पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड को भी एक विकल्प के रूप में शामिल किया गया है ताकि व्यवस्था भी न बिगड़े और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकार भी सुरक्षित रहें.

यह भी पढ़ें : जंतर-मंतर पर अब नहीं होंगे धरने और विरोध प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस ने धरनास्थलों की सूची से हटाया नाम

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola