Shah Rukh Khan Death Threat Case: बॉलीवुड एक्टर किंग खान यानी शाहरुख खान अक्सर ही सुर्खियों में रहते हैं। कुछ दिनों पहले ही शाहरुख खान को धमकी मिलने की खबर सामने आई थी। इस मामले में पुलिस जांच कर रही हैं। वहीं, अब इस मामले में पुलिस ने अपडेट दिया है कि आरोपी ने शाहरुख खान के बेटे आर्यन को भी निशाना बनाया। इतना ही नहीं बल्कि उनकी मूवमेंट पर भी नजदर रखी। आइए जानते हैं कि पुलिस ने इस मामले में क्या कहा?
शाहरुख को मिली थी धमकी
गौरतलब है कि बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद सलमान खान को कई बार धमकी मिली। सलमान खान के बाद शाहरुख खान भी निशाने पर आए और किंग खान को भी छत्तीसगढ़ से मौत की धमकी का निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांद्रा पुलिस को एक कॉल आई थी जिसमें एक्टर से 50 लाख रुपये की मांग की गई थी।
एक्टिविटी और रूटीन पर थी नजर
अब पुलिस ने अपनी जांच के दौरान खुलासा किया कि गिरफ्तार संदिग्ध, वकील फैजान खान ने शाहरुख खान की सुरक्षा टीम के बारे में जानकारी इकट्ठा की थी। इतना ही नहीं बल्कि उनकी हर एक एक्टिविटी और उनके रूटीन के अलावा उनके बेटे आर्यन खान को भी निशाना बनाया था।
आर्यन खान के बारे में जानकारी जुटाई
फ्री प्रेस जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर शाहरुख खान की सिक्योरिटी और आर्यन खान की मूवमेंट के बारे में ऑनलाइन सर्च किया था और जानकारी इकट्ठा की थी। बता दें कि इसका खुलासा संदिग्ध के पास से जब्त एक मोबाइल फोन की जांच के दौरान हुआ है।
ब्राउजिंग हिस्ट्री में मिली डिटेल्स
बांद्रा पुलिस के एक अधिकारी ने खुलासा किया कि आरोपी के मोबाइल फोन में ‘जवान’ एक्टर शाहरुख खान की सुरक्षा और उनके बेटे आर्यन खान की मूवमेंट की सर्च के बारे में ब्राउजिंग हिस्ट्री मिली है। हालांकि, जब आरोपी से इसके बारे में पूछा गया, तो वो इसके पीछे का कोई भी ठोस कारण बता नहीं पाया।
एप्लिकेशन का लिया सहारा
इतना ही नहीं बल्कि इसके आगे पुलिस ने बताया कि आरोपी ने बांद्रा पुलिस स्टेशन का लैंडलाइन नंबर निकालने के लिए एक एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया, जिसे बाद में उसने धमकी भरी कॉल करने के लिए इस्तेमाल किया। जांच से यह भी पता चला कि धमकी के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन कॉल से कुछ दिन पहले 30 अक्टूबर को खरीदा गया था।
आरोपी ने कही फोन चोरी होने की बात
आरोपी फैजान ने खुद इस फोन को खरीदा था और उसमें अपना पुराना सिम कार्ड डाला। गौर करने वाली बात ये है कि उसने 2 नवंबर को फोन चोरी होने की जानकारी दी, लेकिन सिम कार्ड को कभी बंद नहीं करवाया। पुलिस ने इस पांइट पर गौर किया कि आमतौर पर चोरी किए गए डिवाइस का सिम चोर द्वारा बदल दिया जाता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ।