फेमस कुचिपुड़ी नृत्यांगना अरुणिमा कुमार भारत की पहली डांसर हैं, जिन्हें ब्रिटेन का शाही सम्मान दिया गया है. उन्हें ये सम्मान कुचिपुड़ी डांस के लिए दिया गया. उन्होंने इस ट्रेडिशनल नृत्य के जरिए ना केवल देश में बल्कि विदेशों में भी पहचान बनाई है. उन्होंने अपने लंबे और सफल करियर में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. यही वजह है कि उन्हें हाल ही में किंग चार्ल्स तृतीय द्वारा मानद ब्रिटिश एम्पायर मेडल (बीईएम) से सम्मानित किया गया और ये इसे सम्मान को पाने वाली वह पहली भारतीय नृत्यांगना हैं. ऐसे में अब उन्होंने न्यूज 24 से बात की और बताया कि इस परंपरा को बढ़ाने के लिए कई सालों से मेहनत कर रही हैं.
दरअसल, अरुणिमा कुमार ने बीते दिन दिल्ली के हैबिटेट सेंटर में पहुंची थीं. उनके द्वारा कुचिपुड़ी नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई. भारत में जन्मीं अरुणिमा कुमार एक कुचिपुड़ी नृत्यांगना हैं. साथ ही वो AKDC नाम से अपनी डांस कंपनी भी चलाती हैं. इस जीवंत भारतीय शास्त्रीय कुचिपुड़ी नृत्य शैली की अपनी सुंदर प्रस्तुतियां परफॉर्म की. इस प्रस्तुति समर्पण का नाम दिया गया था, जिसमें मुख्य अतिथि राज्यसभा के सांसद राजीव शुक्ला और BAG फिल्म्स की सीएमडी अनुराधा प्रसाद भी मौजूद थीं. मुख्य अतिथियों में दिल्ली में स्थित ब्रिटेन की हाई कमीशन के साथ-साथ राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति भी मौजूद थीं.
अरुणिमा कुमार ने दी शानदार प्रस्तुति
इस दौरान अरुणिमा कुमार और उनके शिष्यों ने आज नृत्य नाटिका की प्रस्तुतियों के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है. लॉर्ड कृष्णा, लॉर्ड शिवा, मां शक्ति पर की गई कुचिपुड़ी नृत्य नाटिका की शानदार प्रस्तुतियां की. दरअसल, गुरु अरुणिमा कुमार ने भारत के साथ-साथ विदेशों मे भी अकादमी खोली ही है, जिसमें विदेशी शिष्य उनसे कुचिपुड़ी नृत्य सीख रहे है. गुरु अरुणिमा कुमार को सांस्कृतिक आदान-प्रदान मे योगदान के लिए किंग चार्ल्स तृतीय का मानद ब्रिटिश साम्राज्य पदक (BEM) दिया गया.
यूके स्थित गुरु अरुणिमा कुमार ने देश के सबसे बड़े कुचिपुड़ी संस्थान, अरुणिमा कुमार डांस कंपनी (AKDC) की स्थापना की, जिसने यूके, भारत और पोलैंड में 4 से 50 वर्ष की आयु के सैकड़ों छात्रों को प्रशिक्षित किया है. उनका काम ना केवल परंपरा को संरक्षित करता है, आज की प्रस्तुतियों में भारतीय शिष्याओं के साथ कई विदेशी शिष्यों ने भी परफॉर्म किया. कुचिपुड़ी नृत्य के साथ वायलन की अद्भुत प्रस्तुति भी की गई.
पद्मभूषण के लिए रिकमेंड हुआ अरुणिमा कुमार का नाम
इस मौके पर राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने अरुणिमा कुमार के काम को सराहा और कहा कि वह गुरु अरुणिमा कुमार का नाम पद्मभूषण के लिए रिकमेंड करना चाहूंगे. इसके साथ ही इस मौके पर राज्यसभा सदस्य सुधा मूर्ति ने गुरु अरुणिमा कुमार की प्रस्तुतियों को खूब सराहा. वहीं, गुरु अरुणिमा कुमार ने न्यूज 24 से बात करते हुए कहा, ‘इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए वो कई सालों से मेहनत कर रही हैं. सरकार को भी इसके प्रोत्साहन के लिए तत्पर रहना चाहिए.’