ग्लैमर वर्ल्ड में अपना करियर शुरू करना बेहद ही मुश्किल होता है, लेकिन उससे भी ज्यादा मुश्किल होता है कि आप खुद को स्टेबल कर सकें. साथ ही स्टारडम को पचा पाएं. सिनेमा जगत में कई सपने बनते और बिगड़ते हैं. ऐसे में कई कालाकार ऐसे हैं, जिन्होंने कई संघर्षों के बाद मनोरंजन जगत में अपनी पहचान बनाई. लंबे स्ट्रगल के बाद उन्होंने पहचान भी बनाई लेकिन, फिर उन्होंने अलग-अलग वजहों से एक्टिंग को छोड़ भी दिया. इसमें कई अभिनेत्रियां तो ऐसी रहीं, जिन्होंने धर्म की राह चुन ली. इसी में से एक टीवी एक्ट्रेस नुपुर अलंकार भी हैं, जो आज भिक्षा मांगकर गुजारा करने पर मजबूर हैं. ऐसे में चलिए आपको उनके बारे में बताते हैं.
27 साल की उम्र में छोड़ी एक्टिंग
नुपुर अलंकार ने 2022 में 27 साल की उम्र में एक्टिंग को अलविदा कह दिया और अध्यात्म की राह पकड़ ली. नुपुर ने अपने करियर में कई टीवी शोज किए हैं. उन्होंने करियर में करीब 157 टीवी शोज में काम किए हैं. छोटी से लेकर बड़ी भूमिकाएं तक निभाई. अगर उनके टीवी शोज की बात की जाए तो इसमें ‘शक्तिमान’, ‘दीया और बाती हम’, ‘राजा जी’ और ‘घर की लक्ष्मी बेटियां’ जैसे अन्य शोज शामिल हैं. इतना ही नहीं, वह ‘सोनाली केबल’ और ‘सांवरिया’ जैसी फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं. लेकिन, उनकी जिंदगी में एक वक्त ऐसा आया जब उनका चकाचौंध भरी दुनिया से मोह ही भंग हो गया और वह आध्यात्म की राह पर निकल पड़ीं.
सन्यास से पहले पति को भी छोड़ा
बताया जाता है कि नुपुर ने साल 2002 में शादी की थी लेकिन, अध्यात्म के लिए उन्होंने इस रिश्ते को भी खत्म कर दिया था. माना जाता है कि नुपुर के पति अलंकार श्रीवस्ताव ने उनका सन्यास लेने के फैसले में सपोर्ट किया. इसके लिए सास-ससुर ने भी रजामंदी दी थी. उन्होंने लाइमलाइट से दूर गुरु शंभू शरण झा के मार्गदर्शन में संन्यासी जीवन अपनाया था. सन्यासी जीवन अपनाने पर उन्होंने ई-टाइम्स से बात भी की थी. इस दौरान उन्होंने बताया था कि मां के निधन के बात ये बड़ा फैसला लिया. पूर्व एक्ट्रेस ने बताया था कि मां उनकी अंतिम जिम्मेदारी थी, उनके जाने के बाद उनके ऊपर कोई बंधन नहीं रहा. मां के निधन के बाद उनका मन नहीं लगता था, जिसके बाद उन्होंने अपने करीबियों से सन्यास की अनुमति ली और भगवान की शरण में आ गईं.
भिक्षा मांगकर गुजारा करती हैं नुपुर अलंकरा
एक्टिंग से दूर नुपुर अलंकार अब पूरी तरह से सन्यास ले चुकी हैं. वह सन्यासिन का जीवन जी रही हैं. नुपुर भिक्षा मांगकर अपना पेट भरती हैं और भगवान की शरण में रहती हैं. एक समय था जब शोबिज में काम कर रही थीं और उन्हें पॉपुलैरिटी को लेकर चिंता थी. लेकिन, अब उन्हें शांति महसूस होती है. वह जमीन पर सोती हैं और दिन में एक बार ही खाना खाती हैं.