सिर्फ डिग्री से कुछ नहीं होगा, कामयाबी के ल‍िए स्किल्स जरूरी! क्‍या होने वाला है एजुकेशन सिस्टम में बदलाव?

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा क‍ि आज के समय में स‍िर्फ ड‍िग्री काफी नहीं है. बल्‍क‍ि स्‍क‍िल्‍स को डेवलप करना भी जरूरी है. श‍िक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान क्‍या भारतीय श‍िक्षा व्‍यवस्‍था में क‍िसी बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं?

dharmendra pradhan

श‍िक्षा मंत्री ने भारतीय एजुकेशन स‍िस्‍टम में बदलाव के संकेत द‍िए.

कंपनियों की हायर‍िंग पॉल‍िसी और वैल्यू में चुपचाप पर‍िवर्तन हुआ है. पहले कैंड‍िडेट्स को सिर्फ अपनी ड‍िग्री द‍िखाने की जरूरत होती थी. लेक‍िन अब उन्‍हें ये प्रूफ देना होता है क‍ि ज‍िस पद के ल‍िए वो अप्‍लाई कर रहे हैं, उसके वो काब‍िल हैं. इसका असर एजुकेशन स‍िस्‍टम पर भी होगा, यह बहुत ही जाह‍िर सी बात है. इसी बदलते समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की जरूरत पर श‍िक्षा मंत्री ने भी जोर दिया है. उन्होंने कहा कि अब सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि स्किल, एंटरप्रेन्योरशिप और व्यवहारिक ज्ञान भी जरूरी है.

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श‍िक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने क्‍या कहा?

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि अब पारंपरिक शिक्षा के साथ स्किल, एंटरप्रेन्योरशिप और अप्रेंटिसशिप पर जोर देना होगा. व्यवहारिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के ल‍िए ये जरूरी है. हर इंडस्‍ट्री में ऐसे लोगों को प्राथम‍िकता दी जा रही है, ज‍िनके पास वास्‍तव‍िक स्‍क‍िल है, न क‍ि स‍िर्फ ड‍िग्री. श‍िक्षा मंत्री ने चेन्नई के जोहो एजुकेशन मॉडल की बात करते हुए कहा क‍ि जोहो एजुकेशन में स्किल सीखने पर फोकस होता है. यहां स्‍टूडेंट्स को शुरुआत से ही इंडस्ट्री की जरूरतों के ह‍िसाब से तैयार किया जाता है.

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बता दें क‍ि आज के जॉब मार्केट में अलग दिखने के लिए एकेडमिक नॉलेज और प्रैक्टिकल, डिमांड वाली स्किल्स (हार्ड और सॉफ्ट दोनों) का म‍िक्‍सचर जरूरी है, क्योंकि एम्प्लॉयर ऐसे कैंडिडेट ढूंढते हैं जो तुरंत योगदान दे सकें, इसलिए शुरुआती एंट्री के अलावा करियर ग्रोथ के लिए लगातार स्किल डेवलपमेंट बहुत जरूरी है. डिग्री एक मजबूत नींव का काम करती है, लेकिन स्किल्स वे टूल्स हैं जो आपकी शिक्षा को एक कॉम्पिटिटिव, तेजी से बदलती प्रोफेशनल दुनिया में वैल्यूएबल बनाती हैं.

टेक्‍नोलॉजी और AI के साथ स्‍क‍िल
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा क‍ि व‍िकस‍ित अर्थव्‍यवस्‍था में टेकनालॉजी और वर्कफोर्स दोनों का मजबूत होना जरूरी है. आने वाले समय में पढ़ाने के तरीके में बदलाव होगा. क्‍योंक‍ि आने वाले समय में AI, एजुकेशन का ह‍िस्‍सा बन जाएगा, ज‍िससे एजुकेशन और भी ज्‍यादा प्रैक्‍ट‍िकल बन जाएगा और भव‍िष्‍य की जरूरतों के अनुरूप बन जाएगा. धर्मेंद्र प्रधान ने क्‍ल‍ियर संदेश देने की कोश‍िश की है क‍ि ड‍िग्री के साथ स्‍क‍िल्‍स जरूरी हैं, स्‍टडी के साथ इनोवेशन और नॉलेज के साथ समझ बहुत जरूरी है. उन्‍होंने कहा क‍ि इसी अप्रोच के साथ व‍िकस‍ित राष्‍ट्र की मजबूत नींव रखी जा सकती है.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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