सिविल इंजीनियर वे लोग होते हैं जो हमारे शहरों को बसाने और सुंदर बनाने का काम करते हैं। चाहे ऊंची इमारतें हों, सड़कें हों, पुल हों या पानी की व्यवस्था – हर बुनियादी चीज के पीछे सिविल इंजीनियर की मेहनत होती है। इस कारण से सिविल इंजीनियरिंग एक बहुत ही लोकप्रिय और डिमांड में रहने वाला करियर बन चुका है।
अगर आप 12वीं के बाद इस फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं, तो आपके पास कई तरह के कोर्सेस और कॉलेजों में एडमिशन के मौके होते हैं। आप नीचे इसके सभी जरूरी पहलुओं के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।
सिविल इंजीनियरिंग कोर्सेस
1. डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग (Diploma in Civil Engineering)
योग्यता: 10वीं पास, साइंस और मैथ्स अनिवार्य विषय
कम से कम 50% अंक होने चाहिए
2. बीटेक/बीई इन सिविल इंजीनियरिंग (BTech/BE in Civil Engineering)
योग्यता: 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ 50-60% अंक
प्रवेश परीक्षा: JEE Main, JEE Advanced, WBJEE, KCET, MHT CET आदि
3. एमटेक इन सिविल इंजीनियरिंग (MTech in Civil Engineering)
योग्यता: बीटेक/बीई में कम से कम 55% अंक
4. पीएचडी इन सिविल इंजीनियरिंग (PhD in Civil Engineering)
योग्यता: MTech में 55-65% अंक
रिसर्च वर्क और थीसिस की जरूरत होती है
Civil Engineering Main Subjects: सिविल इंजीनियरिंग के मेन सब्जेक्ट्स
– बिल्डिंग प्लानिंग और ड्रॉइंग
– स्ट्रक्चरल एनालिसिस
– कंक्रीट टेक्नोलॉजी
– सर्वेइंग
– जियोटेक्निकल इंजीनियरिंग
– एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग
कितनी होती है फीस?
भारत में सिविल इंजीनियरिंग कोर्स की फीस कॉलेज और कोर्स के अनुसार बदलती है। आम तौर पर यह 6 लाख रुपये से 10 लाख रुपये के बीच होती है।
प्रवेश प्रक्रिया
प्रवेश परीक्षा देना – जैसे JEE, GATE आदि
काउंसलिंग – स्कोर के आधार पर कॉलेज और ब्रांच का चुनाव
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन – 10वीं, 12वीं की मार्कशीट, ID, जाति प्रमाण पत्र (अगर लागू हो)
फीस जमा करना – एडमिशन की पुष्टि के बाद
1. IIT बॉम्बे, दिल्ली, कानपुर, मद्रास, रुड़की, खड़गपुर
3. दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU)
4. वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT)
5. मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी
7. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU)