मुंबई | नई दिल्ली: हफ्ते के पहले ही दिन शेयर बाजार के निवेशकों को तगड़ा झटका लगा है. सोमवार को बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दौर शुरू हुआ कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ताश के पत्तों की तरह ढह गए. आज बीएसई (BSE) सेंसेक्स 650 अंक से ज्यादा टूट गया, वहीं एनएसई (NSE) निफ्टी भी 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया.
बाजार में चारों तरफ लाल निशान नजर आ रहा है और लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों के शेयर दबाव में हैं. अगर आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो आइए समझते हैं कि आज बाजार में इस मंदी और बिकवाली के पीछे की असली वजह क्या है?
बाजार टूटने की 4 सबसे बड़ी वजहें
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आज बाजार में मची इस खलबली के पीछे घरेलू और वैश्विक दोनों तरह के कारण जिम्मेदार हैं:
अमेरिका और ईरान में बढ़ता तनाव: ग्लोबल मार्केट में इस समय भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने निवेशकों को डरा दिया है, जिससे लोग जोखिम वाले शेयरों से पैसा निकाल रहे हैं.
कच्चे तेल की आग: खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव का सीधा असर क्रूड ऑयल पर पड़ा है. ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से मंगाता है, इसलिए तेल महंगा होने से देश में महंगाई बढ़ने और कंपनियों का मुनाफा घटने का डर है.
[20 July] Petrol Diesel Price: सप्ताह के पहले दिन जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए दाम, सुबह-सुबह लगा झटका या मिली राहत; चेक करें
कमजोर तिमाही नतीजे (Q1 Results): देश के कुछ बड़े बैंकों के चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे. नतीजा यह हुआ कि निवेशकों ने बैंकिंग शेयरों में जमकर मुनाफावसूली (Profit Booking) की, जिसने बाजार को नीचे खींच लिया.
रुपये की कमजोरी और बॉन्ड यील्ड: भारतीय रुपये में आई कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में उछाल के चलते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से दूरी बना ली है, जिससे बिकवाली का दबाव और बढ़ गया.
Gold Silver Price Today: गिरावट पर लगा ब्रेक, आज उछल गए सोने-चांदी के दाम; चेक करें 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट का ताजा भाव
किन शेयरों ने डुबोया और किन्होंने बचाया?
आज के कारोबार में बाजार का मूड पूरी तरह बिगड़ा हुआ था, लेकिन कुछ सेक्टर्स ने बाजार को संभालने की कोशिश भी की.
सबसे ज्यादा पिटने वाले सेक्टर्स: आज सबसे ज्यादा मार बैंकिंग, आईटी (IT) और ऑटो (Auto) सेक्टर के शेयरों पर पड़ी. इनमें भारी बिकवाली देखी गई.
इन्होंने दिया सहारा: इस चौतरफा गिरावट के बीच भी एनर्जी और फार्मा (दवा) सेक्टर के कुछ शेयरों में हल्की खरीदारी देखने को मिली. देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर भी मजबूती के साथ टिके रहे, जिससे बाजार को थोड़ा सपोर्ट मिला, हालांकि यह बड़ी गिरावट को रोकने के लिए नाकाफी था.
कुल मिलाकर, जब तक वैश्विक स्तर पर तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतें काबू में नहीं आतीं, तब तक बाजार में ऐसा उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
मुंबई | नई दिल्ली: हफ्ते के पहले ही दिन शेयर बाजार के निवेशकों को तगड़ा झटका लगा है. सोमवार को बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दौर शुरू हुआ कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ताश के पत्तों की तरह ढह गए. आज बीएसई (BSE) सेंसेक्स 650 अंक से ज्यादा टूट गया, वहीं एनएसई (NSE) निफ्टी भी 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया.
बाजार में चारों तरफ लाल निशान नजर आ रहा है और लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों के शेयर दबाव में हैं. अगर आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो आइए समझते हैं कि आज बाजार में इस मंदी और बिकवाली के पीछे की असली वजह क्या है?
बाजार टूटने की 4 सबसे बड़ी वजहें
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आज बाजार में मची इस खलबली के पीछे घरेलू और वैश्विक दोनों तरह के कारण जिम्मेदार हैं:
अमेरिका और ईरान में बढ़ता तनाव: ग्लोबल मार्केट में इस समय भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने निवेशकों को डरा दिया है, जिससे लोग जोखिम वाले शेयरों से पैसा निकाल रहे हैं.
कच्चे तेल की आग: खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव का सीधा असर क्रूड ऑयल पर पड़ा है. ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से मंगाता है, इसलिए तेल महंगा होने से देश में महंगाई बढ़ने और कंपनियों का मुनाफा घटने का डर है.
[20 July] Petrol Diesel Price: सप्ताह के पहले दिन जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए दाम, सुबह-सुबह लगा झटका या मिली राहत; चेक करें
कमजोर तिमाही नतीजे (Q1 Results): देश के कुछ बड़े बैंकों के चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे. नतीजा यह हुआ कि निवेशकों ने बैंकिंग शेयरों में जमकर मुनाफावसूली (Profit Booking) की, जिसने बाजार को नीचे खींच लिया.
रुपये की कमजोरी और बॉन्ड यील्ड: भारतीय रुपये में आई कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में उछाल के चलते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से दूरी बना ली है, जिससे बिकवाली का दबाव और बढ़ गया.
Gold Silver Price Today: गिरावट पर लगा ब्रेक, आज उछल गए सोने-चांदी के दाम; चेक करें 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट का ताजा भाव
किन शेयरों ने डुबोया और किन्होंने बचाया?
आज के कारोबार में बाजार का मूड पूरी तरह बिगड़ा हुआ था, लेकिन कुछ सेक्टर्स ने बाजार को संभालने की कोशिश भी की.
सबसे ज्यादा पिटने वाले सेक्टर्स: आज सबसे ज्यादा मार बैंकिंग, आईटी (IT) और ऑटो (Auto) सेक्टर के शेयरों पर पड़ी. इनमें भारी बिकवाली देखी गई.
इन्होंने दिया सहारा: इस चौतरफा गिरावट के बीच भी एनर्जी और फार्मा (दवा) सेक्टर के कुछ शेयरों में हल्की खरीदारी देखने को मिली. देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर भी मजबूती के साथ टिके रहे, जिससे बाजार को थोड़ा सपोर्ट मिला, हालांकि यह बड़ी गिरावट को रोकने के लिए नाकाफी था.
कुल मिलाकर, जब तक वैश्विक स्तर पर तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतें काबू में नहीं आतीं, तब तक बाजार में ऐसा उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.