भारत की स्वच्छ रसोई अभियान की चमकदार सफलता अब एक कड़वी सच्चाई उजागर कर रही है. दशक भर पहले जो लाखों परिवारों के लिए स्वास्थ्य और सुविधा का प्रतीक बनी, वह लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) आज आयात की बेड़ियों में जकड़ी हुई एक कमजोर कड़ी साबित हो रही है. मिडिल ईस्ट में छिड़े संघर्ष ने होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता अवरुद्ध कर दिया, और भारत की रसोईयों तक पहुंचने वाली गैस की सप्लाई चेन रुक सी गई है. इसका नतीजा ये हुआ कि शहरों और गांवों में एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी कतारें, सप्ताह भर की देरी, और एक अजीबोगरीब पैनिक क्रिएट हो गया है, जो सरकार के लिए भी चुनौती बन गया है.
सुविधा कैसे बनी समस्या?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, यह संकट कोई अचानक आया तूफान नहीं, बल्कि एक लंबे सफर का परिणाम है. 2016 में शुरू हुई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने गरीब और ग्रामीण परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देकर इतिहास रच दिया. योजना का लक्ष्य था कि लकड़ी, गोबर के उपले और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधनों से मुक्ति, ताकि घरों में धुंआ कम हो और महिलाओं-बच्चों के स्वास्थ्य पर असर न पड़े. 2016 में जहां घरेलू एलपीजी कवरेज मात्र 62 प्रतिशत था, वह 2026 तक बढ़कर 95 प्रतिशत से अधिक हो गया.
यह भी पढ़ें: ओमान में ईरानी ड्रोन हमले में 2 भारतीयों की मौत, 10 घायल; MEA ने दी जानकारी
भारत में कुल कितने LPG कनेक्शन?
आपको जानकर हैरानी होगी कि आज देश में 33 करोड़ से ज्यादा एलपीजी कनेक्शन हैं, जिनमें से 10 करोड़ से अधिक उज्ज्वला योजना के तहत वितरित किए गए. पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों के मुताबिक, 2010 में 10.6 करोड़ कनेक्शन थे, जो 2025 तक 33 करोड़ तक पहुंच गए. यह बदलाव न केवल पर्यावरण के लिए वरदान साबित हुआ, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य में भी क्रांति लाया. धुंए से होने वाली सांस की बीमारियां घटीं, और महिलाओं को घंटों की मेहनत से निजात मिली.
सालाना कितना LPG उपभोग करता है भारत?
देश में एलपीजी की सफलता की यह चमक अब एक पैराडॉक्स उकेर रही है. भारत सालाना 31 मिलियन टन से अधिक एलपीजी का उपभोग करता है, जबकि घरेलू रिफाइनरियां आधे से भी कम उत्पादन करती हैं. बाकी की पूर्ति सऊदी अरब, कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों से आयात पर निर्भर है. ये टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते हैं. इस महीने की शुरुआत में मध्य पूर्व युद्ध ने समुद्री यातायात ठप कर दिया. कच्चे तेल के विपरीत, जो भारत अब 40 से अधिक देशों से आयात करता है, एलपीजी आयात अभी भी खाड़ी पर केंद्रित है.
यह भी पढ़ें: LAMITIYE 2026: भारत-सेशेल्स के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू, तीनों सेनाएं दिखा रहीं ताकत
संबंधित खबरें
प्रॉपर्टी के पेपर असली हैं या नकली? ऑनलाइन ऐसे चेक करें
27 mins agoअब आपकी UPI पेमेंट से सरकार लगाएगी देश की तरक्की का हिसाब
1 hr agoसुकन्या समृद्धि से लेकर PPF तक के बदले नियम, लागू हुआ नया सिस्टम
2 hrs agoब्याज दरें बढ़ेंगी या नहीं? जानिए आपके होम-कार लोन EMI पर क्या पड़ेगा असर
2 hrs agoअब अस्पताल के बिल का 10% चुकाना होगा खुद! जानें क्या है नया को-पेमेंट नियम
3 hrs agoसिलेंडर वापस करने पर मिलेंगे ₹500, बिना लोकल एड्रेस प्रूफ के नया कनेक्शन
15 hrs agoCEC ज्ञानेश कुमार को हर महीने कितनी मिलती है सैलरी? क्या है नेटवर्थ
18 hrs agoनवी मुंबई एयरपोर्ट पर शुरू हुआ TajSATS का फ्लाइट किचन, जानें पूरी डिटेल
19 hrs agoभूटान में अदाणी पावर का बड़ा दांव, 770MW प्रोजेक्ट के लिए साइन हुआ एग्रीमे
21 hrs agoASHA वर्कर्स को अब मिलेंगे 6000 रुपये, CM रेखा गुप्ता आज बांटेंगी चेक
22 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines