Trump Tariff News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वार से बचने के लिए भारत ने कई कदम उठाए हैं। इसमें अमेरिकी बॉर्बन व्हिस्की पर टैक्स घटाना भी शामिल है। हालांकि, भारत के प्रयासों से शायद अमेरिका खुश नहीं है। कम से कम व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के बयान को देखकर तो यही समझ आता है। लेविट के बयान से यह संकेत भी मिलता है कि अमेरिका इस मुद्दे पर भारत से और मोलभाव कर सकता है।
US शराब पर 150 टैरिफ
अमेरिका के व्हाइट हाउस में मंगलवार को ट्रंप प्रशासन के टैरिफ की जानकारी देते हुए प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने भारत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में अमेरिकी शराब पर 150 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाता है। जबकि अमेरिकी कृषि उपकरणों पर भारत 100 प्रतिशत टैरिफ लगा रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेट्री ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पारस्परिक और समान व्यापार की व्यवस्था की वकालत करते हैं।
कनाडा पर फिर फोड़ा बम
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कनाडा के खिलाफ लगातार कड़े कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कनाडा से स्टील और एल्युमिनियम आयात पर प्रस्तावित टैरिफ को दोगुना कर 50% कर दिया है। कैरोलिन ने कहा की राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार यह बताते आए हैं कि कनाडा दशकों से संयुक्त राज्य अमेरिका और यहां के मेहनती अमेरिकियों को लूट रहा है। अगर आप कनाडा की ओर से लगाए गए टैरिफ पर ध्यान देंगे, तो समझेंगे कि यह बेहद गंभीर मामला है।
भारत भी नहीं है पीछे
व्हाइट हाउस में प्रेस को संबोधित करते हुए कैरोलिन लेविट ने कहा कि यह बड़े दुख की बात है कि कई देश अमेरिका पर भारी टैरिफ लगा रहे हैं। इस मामले में जापान और भारत भी पीछे नहीं हैं। एक चार्ट दिखाते हुए लेविट ने कहा कि कनाडा अमेरिकी पनीर और मक्खन पर करीब 300% टैरिफ लगाता है। भारत की बात करें तो वहां अमेरिकी शराब पर 150 प्रतिशत का टैरिफ लगता है। अमेरिकी कृषि उपकरणों पर वहां 100 प्रतिशत लगाया जाता है।
भारत ने क्या कदम उठाए?
भारत टैरिफ को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति की नाराजगी दूर करने के लिए कई कदम उठा चुका है। वित्त मंत्री ने आम बजट में कुछ उत्पादों पर औसत आयात शुल्क को 13% से घटाकर 11% किया था। इसके अलावा, भारत ने लग्जरी कारों, सोलर सेल और रसायनों सहित 30 से अधिक वस्तुओं पर आयात शुल्क की समीक्षा शुरू कर दी है, जिससे वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ने के कारण संभवतः अमेरिका से आयात में वृद्धि हो सकती है। भारत द्वारा बॉर्बन व्हिस्की पर आयात शुल्क पहले ही कम किया जा चुका है। लेकिन जिस तरह का बयान व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी ने दिया है, उससे लगता है कि अमेरिका इस मुद्दे को लेकर भारत पर दबाव बना सकता है।