अक्सर कहा जाता है कि अगर आप किसी काम को वैज्ञानिक तरीके और सटीक योजना के साथ करें, तो सफलता निश्चित है। झारखंड के एक युवा अजीत महतो ने इस बात को सच कर दिखाया है। फिजिक्स ग्रेजुएट (Physics Graduate) होने के बावजूद, अजीत ने पारंपरिक नौकरी के पीछे भागने के बजाय खेती और पशुपालन के क्षेत्र में अपना भविष्य चुना और आज वे इलाके के युवाओं के लिए मिसाल बन गए हैं।
अजीत महतो ने अपने साइंटिफिक पोल्ट्री मॉडल (Scientific Poultry Model) के जरिए महज 35 दिनों में ₹2 लाख तक का शुद्ध मुनाफा कमाकर सबको हैरान कर दिया है।
फिजिक्स की पढ़ाई और पोल्ट्री का मेल
अजीत महतो ने भौतिकी (Physics) में अपनी डिग्री पूरी की थी। आमतौर पर लोग इस विषय के बाद टीचिंग या रिसर्च की ओर जाते हैं, लेकिन अजीत की दिलचस्पी बिजनेस और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में थी। उन्होंने महसूस किया कि पोल्ट्री फार्मिंग में घाटा तभी होता है जब उसे पुराने और असुरक्षित तरीके से किया जाए।
क्या है साइंटिफिक पोल्ट्री मॉडल?
अजीत ने अपने फार्म को आधुनिक विज्ञान के सिद्धांतों पर तैयार किया है। उनके मॉडल की खास बात ये है कि यहां मुर्गियों के स्वास्थ्य के लिए उन्होंने फार्म के भीतर सटीक तापमान बनाए रखने की तकनीक अपनाई है। भौतिकी के छात्र होने के नाते उन्होंने गणना (Calculation) के आधार पर मुर्गियों के चारे और पानी की मात्रा तय की, जिससे बर्बादी कम और मुर्गियों का वजन तेजी से बढ़ा। बीमारी के खतरे को कम करने के लिए उन्होंने संक्रमण रोकने के कड़े वैज्ञानिक प्रोटोकॉल लागू किए।
कमाई का गणित: 35 दिन और ₹2 लाख का प्रॉफिट
अजीत बताते हैं कि इस बिजनेस की सबसे बड़ी खूबी इसका छोटा साइकिल है। ब्रायलर मुर्गियां करीब 35 से 40 दिनों में बिक्री के लिए तैयार हो जाती हैं। अजीत के अनुसार वे थोक में चूजों और चारे की खरीद करते हैं जिससे लागत कम आती है। बेहतर रख-रखाव के कारण मुर्गियों की मृत्यु दर (Mortality Rate) 2-3% से भी कम रहती है। एक सफल लॉट तैयार होने पर उन्हें ₹2 लाख तक का शुद्ध मुनाफा होता है।
युवाओं के लिए संदेश: नौकरी नहीं, रोजगार देने वाले बनें
अजीत महतो आज न केवल खुद कमा रहे हैं, बल्कि अपने क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी इस आधुनिक खेती के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं। उनका मानना है कि अगर पढ़ा-लिखा युवा कृषि और पशुपालन क्षेत्र में तकनीक लेकर आए, तो भारत के गांवों में ही ‘सोना’ पैदा किया जा सकता है।