भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का हफ्ता एक ऐतिहासिक और सुपर मंडे साबित हुआ है। पश्चिम एशिया (West Asia) में लंबे समय से चल रहे अमेरिका-ईरान युद्ध के खत्म होने और दोनों देशों के बीच शांति समझौते (Peace Deal) की खबरों से दलाल स्ट्रीट में चारों तरफ हरियाली छा गई है। चारों तरफ हावी बुल्स (Bulls) यानी तेजड़ियों के दम पर घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी ने आज धमाकेदार और रिकॉर्ड शुरुआत की है।
बाजार की तूफानी शुरुआत: आंकड़ों में देखें तेजी
सोमवार को बाजार खुलते ही निवेशकों पर लक्ष्मी जी की कृपा बरस पड़ी और सेंसेक्स-निफ्टी रॉकेट की रफ्तार से भागे। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1,197.32 अंक (1.59%) की भारी बढ़त के साथ 76,725.27 के स्तर पर खुला। निफ्टी भी 361.95 अंक (1.53%) उछलकर 23,984.85 के स्तर पर खुला, जो 24,000 के जादुई आंकड़े से महज कुछ ही कदम दूर है। बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त खरीदारी के चलते बैंक निफ्टी 864.85 अंक (1.52%) की छलांग लगाकर 57,679.65 के स्तर पर ओपन हुआ।
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बाजार की यह तेजी केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1.3% से ज्यादा की मजबूती के साथ खुले।
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इन सेक्टर्स में रही चांदी, फार्मा पर दबाव
बाजार में आज चौतरफा खरीदारी देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी रियल्टी, ऑटो, ऑयल एंड गैस, एफएमसीजी (FMCG), मेटल्स और पीएसयू बैंक (PSU Banks) इंडेक्स में देखी जा रही है। इस महा-तेजी के बीच केवल निफ्टी फार्मा (Pharma) इंडेक्स ही थोड़ा दबाव में और लाल निशान में नजर आया।
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बाजार में क्यों आया यह बंपर उछाल?
इस बड़ी तेजी के पीछे वैश्विक स्तर पर हुए दो बड़े बदलाव हैं:
- युद्ध का अंत और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुलना: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने, ईरान की नाकाबंदी हटाने और दुनिया के सबसे प्रमुख तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को खोलने पर सहमति बन गई है। इस समझौते की मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के मुताबिक, शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस एमओयू (MoU) पर दोनों देश आधिकारिक दस्तखत करेंगे।
- कच्चा तेल हुआ धड़ाम: शांति की खबरों से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड $84 प्रति बैरल के नीचे आ गया है, जबकि अमेरिकी WTI तेल $80 के नीचे फिसल गया है। भारत अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है, ऐसे में क्रूड सस्ता होने से देश में महंगाई घटने, व्यापार घाटा कम होने और रुपये को मजबूती मिलने का सीधा फायदा मिल रहा है।
रुपये की मजबूती और विदेशी निवेशक (FPIs):
आज सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 43 पैसे मजबूत होकर 94.68 के स्तर पर खुला, जो बीते 8 मई के बाद का सबसे मजबूत स्तर है। जानकारों का मानना है कि रुपये के स्थिर होने से अब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) भारतीय बाजार से अपनी बड़ी बिकवाली रोक देंगे, जिससे आने वाले दिनों में बाजार नए रिकॉर्ड बना सकता है।