शेयर बाजार में आज पूरे दिन रौनक रही। मार्केट उछाल के साथ खुला और कारोबार की समाप्ति तक बढ़त को बरकरार रखने में कामयाब रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1369.45 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 429.40 अंक की उछाल के साथ बंद हुए। आज की तेजी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गुरुवार को अमेरिकी मार्केट लाल निशान पर पहुंच गया था, इसलिए माना जा रहा था कि उसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है।
आज ऐसा रहा प्रदर्शन
आज लगभग सभी इंडेक्स उछाल के साथ दौड़ते नजर आए। निफ्टी मेटल इंडेक्स में सबसे ज्यादा 4% से अधिक की बढ़त दर्ज हुई। इसी तरह, निफ्टी स्मॉलकैप 250 और लार्गकैप इंडेक्स भी मजबूती हासिल करने में कामयाब रहे। स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 3% और लार्गकैप इंडेक्स लगभग 2% मजबूत हुए। BSE पर लिस्टेड कंपनियों में टाटा स्टील में सबसे अधिक बढ़त आई। इसके बाद पावर ग्रिड, NTPC, रिलायंस, कोटक बैंक, अडानी पोर्ट्स और भारती एयरटेल का नंबर रहा। दूसरी तरफ TCS और एशियन पेंट्स में गिरावट देखने को मिली। बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप आज 8.56 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया है। यह बीते छह महीनों में एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त है।
यूएस से आई अच्छी खबर
मार्केट को आज डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ पर 90 दिनों के लिए लगाई गई रोक से बूस्ट मिला है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन को छोड़कर सभी देशों पर लगाए गए टैरिफ को 90 दिनों के लिए रोक दिया है। भारत के कई सेक्टर्स अमेरिका से डायरेक्ट जुड़े हुए हैं। ऐसे में इस रोक से उन्हें सीधा फायदा मिलेगा। इसके अलावा, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की आलोचना के मद्देनजर अब माना जा रहा है कि ट्रंप दवाओं पर टैरिफ के फैसले से भी पीछे हट सकते हैं, यह भी भारत के लिए अच्छी खबर है।
अभी टला नहीं है खतरा
हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुआ था, जो इस बात का संकेत है कि अमेरिकी नीति में अनिश्चितता बरकरार है। इसका असर भारत पर भी पड़ सकता है। इसके अलावा, अमेरिका और चीन के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने जहां चीन पर टैरिफ बढ़ाकर 145% कर दिया है, तो चीन ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी आयात पर टैरिफ को 84% से 125% कर दिया है। दुनिया की दो बड़ी आर्थिक महाशक्तियों के बीच टकराव से दुनिया के बाकी बाजार भी प्रभावित हो सकते हैं।
अब क्या हो रणनीति?
मार्केट एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को फिलहाल सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप को समझना बेहद मुश्किल है। अभी उन्होंने 90 दिनों की राहत दी है, संभव है कि अगले कुछ घंटों में वह इसे हटाकर कोई नया बम फोड़ दें। इसलिए जब तक स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाती, मार्केट की चाल के बारे में सटीक तौर पर कुछ भी कहना मुश्किल है। ऐसे में निवेशकों को बेहद सावधानी बरतनी चाहिए।