Richest Indian in Africa: वैसे तो दुनियाभर में भारतीय अपनी कामयाबी का झंडा लहरा रहे हैं, लेकिन इनमें कुछ ऐसे शख्स भी हैं, जो भारत में साथ-साथ दूसरे देशों की इकोनॉमी में अहम भूमिका निभा रहे हैं और दूसरे देशों के नागरिकों को नौकरी दे रहे हैं. इसमें से एक नाम प्रतीक सूरी (Prateek Suri success story) का भी है, जो यूएई स्थित टीवी और इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड, मेसर ग्रुप (Maser Group) के संस्थापक और पूर्व सीईओ हैं.
36 साल के प्रतीक (Prateek Suri) एक सफल व्यवसायी हैं और अफ्रीका के सबसे अमीर और सबसे युवा भारतीय अरबपति (richest and youngest Indian billionaire in Africa) हैं. उनकी कंपनी का ज्यादातर हिस्सा मध्य पूर्व, अफ्रीका और एशिया में फैला हुआ है. उन्होंने अपनी कंपनी को साल 2012 में स्थापित किया था. उनकी कंपनी स्मार्ट टीवी से लेकर वाशिंग मशीन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बेचती है.
प्रतीक सूरी कौन हैं?
प्रतीक सूरी का जन्म दिल्ली में हुआ था. वह मेसर ग्रुप के सीईओ हैं और उनका 44385 करोड़ रुपये का व्यापारिक साम्राज्य है.प्रतीक ने नई दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की और उसके बाद साल 2006 में संयुक्त अरब अमीरात चले गए. उन्होंने बिट्स पिलानी दुबई कैंपस से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री ली और वहीं रहकर काम करने लगे. साल 2012 में उन्होंने अपनी कंपनी शुरू की.
कंपनी बनाने का सफर कैसे किया पूरा
अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान, सूरी ने साल 2008 में केहिन पनाल्फा लिमिटेड में इंटर्नशिप की. ग्रेजुएशन होने के बाद, उन्होंने किंग्समेन मिडिल ईस्ट एलएलसी में कुछ समय के लिए सेल्स और मार्केटिंग एसोसिएट के रूप में काम किया. उन्होंने दिल्ली में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पर आधारित एक छोटा सा बिजनेस भी चलाया.
साल 2012 में, सूरी ने मेसर ग्रुप की स्थापना की, जिसने शुरुआत में किफायती स्मार्ट टीवी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ अफ्रीकी बाजार को लक्षित किया. कंपनी ने पूरे महाद्वीप में 800,000 से अधिक इकाइयां बेचीं. उनके नेतृत्व में, मेसर ग्रुप का मूल्यांकन 5 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया और 2024 में एससीजी एशिया ने इसका अधिग्रहण कर लिया. मेसर ग्रुप के अधिग्रहण के बाद, सूरी ने एक उद्यम पूंजी फर्म, एमडीआर इन्वेस्टमेंट्स, की शुरुआत की. यह फर्म पूरे अफ्रीका में परियोजनाओं में शामिल रही है.
प्रतीक सूरी की कुल संपत्ति
उनकी अनुमानित कुल संपत्ति 1.9 बिलियन डॉलर है. साधारण शुरुआत से लेकर अफ्रीकी व्यापार में एक प्रमुख शक्ति बनने तक के उनके उल्लेखनीय सफर ने पूरे महाद्वीप में लगातार सुर्खियां बटोरी हैं.