शेयर बाजार आज हरे निशान पर खुला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रेसिप्रोकल टैरिफ आज से ही लागू हो रहा है। इसे लेकर बाजार में घबराहट है। इसके बावजूद मार्केट ने बढ़त के साथ शुरुआत की है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स इस समय 200 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 80 अंकों की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। बता दें कि 1 अप्रैल को बाजार लाल निशान पर खुला था और कारोबार की समाप्ति तक दबाव से बाहर नहीं निकल पाया।
आईटी, फार्मा इंडेक्स में उछाल
मार्केट को लेकर आशंका जताई जा रही थी कि 2 अप्रैल की शुरुआत गिरावट के साथ हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों उछाल के साथ खुले और बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, बढ़त कम-ज्यादा हो रही है, मगर दोनों ग्रीन लाइन पकड़े हुए हैं, जो बाजार के लिए अच्छे संकेत हैं। खास बात यह है कि आईटी और फार्मा इंडेक्स भी उछाल के साथ कारोबार कर रहे हैं. खबर लिखे जाने तक निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.45% और फार्मा इंडेक्स 0.08% मजबूती हासिल कर चुके थे।
इस वजह से मिला सपोर्ट
तमाम आशंकाओं के विपरीत शुरुआती कारोबार में बढ़त की एक वजह यह अनुमान है कि डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ से शायद भारत को ज्यादा नुकसान न हो, क्योंकि भारत अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ कम कर सकता है। कुछ रिपोर्ट्स से पता चलता है कि भारत अमेरिकी आयातों पर 23 अरब डॉलर मूल्य के टैरिफ में कटौती करने के लिए भी तैयार है। डोनाल्ड ट्रंप भी ऐसी रिपोर्ट्स से परिचित हैं। उन्होंने मंगलवार को कहा कि मैंने सुना है कि भारत अब अमेरिकी सामानों पर टैक्स कम करने जा रहा है। लिहाजा, माना जा रहा है कि भारत अमेरिका से बातचीत करके टैरिफ के प्रभाव को कम कर सकता है।
अगले कुछ दिन निर्णायक
एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार की सही दिशा रेसिप्रोकल टैरिफ लागू होने के बाद ही निर्धारित होगी। अगर भारत पर किसी बड़े नुकसान का खतरा टल जाता है, तो बाजार में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। अन्यथा मंदी वापस लौट सकती है। अगले कुछ दिन शेयर मार्केट के लिए निर्णायक साबित होंगे। उनके अनुसार, अगर निफ्टी 23,700-23,750 के स्तर को पार कर लेता है, तो इसमें बढ़त देखने को मिल सकती है। इसके उलट अगर वो ऐसा नहीं कर पाता, तो उसके 23,300 तक जाने की आशंका भी बनी रहेगी।
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