Petrol-Diesel Price Hike Update: अगर आप पेट्रोल या डीजल से चलने वाला कोई भी वाहन चलाते हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव अब 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है, जिसके कारण भारतीय तेल विपणन कंपनियों का प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल पर घाटा बढ़ गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक तेल विपणन कंपनियों को डीजल पर 23 रुपये और पेट्रोल पर 5 रुपये प्रति लीटर का घाटा उठाना पड़ रहा है. यहां तक कि LPG पर भी कंपनियों को 200 रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है.
ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या सरकारी तेल कंपनियां एक बार फिर पेट्रोल डीजल और गैस सिलेंडर (Gas Cylinder Price Hike) के दाम में बढ़ोतरी करने वाली हैं? जानकारों की मानें तो अगर कच्चे तेल की कीमतों में ये इजाफा जारी रहता है और मीडिल ईस्ट का तनाव जारी रहता है, तो यह संभव है कि एक बार फिर पेट्रोल डीजल और एलपीजी गैस के दामों में वृद्धि देखने को मिले.
---विज्ञापन---
महंगाई की पड़ेगी मार
पेट्रोल डीजल और एलपीजी गैस कीमतों में उछाल का असर महंगाई दर भी दिखेगा. सब्जियों से लेकर परिवहन और बाहर खाना और महंगा हो सकता है. फ्यूल तो हर उद्योग और सेवा की बुनियादी जरूरत है, ऐसे में जब ईंधन महंगा होता है, तो मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग और डिलीवरी जैसी हर प्रक्रिया महंगी हो जाती है, जिससे कुल खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) बढ़ जाती है.
यहां तक कि गांव और कृषि क्षेत्र पर भी इसका असर दिखेगा. क्योंकि सिंचाई के लिए डीजल पंपसेट और जुताई के लिए ट्रैक्टरों का भारी इस्तेमाल होता है. ऐसे में डीजल महंगा होने से किसानों की लागत बढ़ जाती है. दूसरी ओर छोटे व्यापारियों को भी नुकसान होता है. क्योंकि लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ने से छोटे दुकानदारों और कारोबारियों का मुनाफा घटने लगता है.
---विज्ञापन---
जब बुनियादी जरूरतों (खाना, यात्रा, गैस) पर खर्च बढ़ जाता है, तो लोगों के पास महीने के अंत में इमरजेंसी सेविंग्स या म्यूचुअल फंड/एफडी जैसी जगह निवेश करने के लिए पैसे कम बचते हैं.
---विज्ञापन---
ग्लोबल तेल कीमतें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 2.5 प्रतिशत बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया. वहीं अमेरिकी WTI क्रूड के दाम में भी लगभग 2% का इजाफा देखा गया है, जिसके बाद यह 95 डॉलर के आसपास पहुंच गया है. कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी के कारण भारत में चुनौतियां बढ़ जाी हैं, क्योंकि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक है. हम अपनी जरूरत का 88% कच्चा तेल दूसरे देशों से खरीदते हैं. लिहाजा अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से भारत का आयात बिल बढ़ जाता है. इसके कारण व्यापार घाटा बढ़ता है. दूसरी ओर रुपये पर भी दबाव बढ़ता है.
पेट्रोल डीजल का भाव
ये बात ठीक है कि पेट्रोल डीजल कंपनियों को घाटा वहन करना पड़ रहा है, लेकिन फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें तीन महीने से ज्यादा समय से स्थिर हैं. 25 मई को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया था. आज पेट्रोल और डीजल की लेटेस्ट कीमतें यहां देखें :
---विज्ञापन---
सऊदी-UAE को छोड़ा पीछे, भारत बना केन्या के लिए सबसे बड़ा तेल सप्लायर; कैसे हुआ ये कमाल?
- दिल्ली : 102.12 रुपये | 95.20 रुपये
- मुंबई: 111.31 रुपये | 97.97 रुपये
- कोलकाता: 113.51 रुपये | 99.82 रुपये
- चेन्नई: 107.78 रुपये | 99.56 रुपये
- गुरुग्राम: 102.97 रुपये | 95.94 रुपये
- पटना: 113.35 रुपये | 99.36 रुपये
- नागपुर: 111.90 रुपये | 98.20 रुपये
- शिमला: 102.31 रुपये | 94.34 रुपये
- ग्वालियर: 114.30 रुपये | 99.35 रुपये
---विज्ञापन---