पिता की कंपनी छोड़ बनाई अपनी अलग पहचान, इनके बारे में कितना जानते हैं आप?

Narayan Murthy son Leadership: नारायण मूर्ति के बेटे के रूप में, रोहन मूर्ति को इंफोसिस में 1.62% हिस्सेदारी विरासत में मिली है। वह अपनी डिजिटल ट्रांसफोर्मेशन कंपनी चलाते हैं।

rohanmurthy

Rohan Murthy: इंफोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति के बारे में अक्सर बातें होती रहती हैं। 70 घंटे काम की सलाह को लेकर उनकी आलोचना भी हुई थी, लेकिन वह अपनी बात पर कायम रहे। हालांकि, हम यहां उनकी बात करने नहीं जा रहे। बल्कि हम बात करेंगे नारायण मूर्ति के बेटे रोहन मूर्ति के बारे में, जिन्होंने टेक जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

विज्ञापन

इसलिए छोड़ी इंफोसिस

प्रोग्रामिंग और इनोवेशन रोहन मूर्ति को विरासत में मिला। वह अपने पिता को टेक्नोलॉजी के दुनिया में आगे बढ़ते हुए देखकर बड़े हुए। जैसा कि अक्सर कारोबारी घरानों में होता है, रोहन मूर्ति भी अपने पिता के साम्राज्य को संभालने के लिए इंफोसिस का हिस्सा बने। लेकिन अपनी एक अलग पहचान बनाने के जुनून ने उन्हें ज्यादा समय तक इस अघोषित परंपरा से बंधे नहीं रहने दिया।

विज्ञापन

मां से हैं प्रभावित

बेंगलुरु के बिशप कॉटन बॉयज़ स्कूल से प्राइमरी एजुकेशन पूरी करने के बाद रोहन ने अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की और बाद में हार्वर्ड विश्वविद्यालय से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में पीएचडी की। ​​अपनी मां, सुधा मूर्ति, जो एक बेस्टसेलिंग लेखिका हैं, से प्रभावित होकर रोहन ने प्रौद्योगिकी और परोपकार दोनों में एक मजबूत बेस बनाया है।

विज्ञापन

बनाई अपनी कंपनी

इंफोसिस में रोहन मूर्ति को वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया था, वह चाहते तो आराम से जिंदगी गुजार सकते थे। लेकिन उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाने के लिए संघर्ष का रास्ता चुना। 2014 में, उन्होंने प्रसिद्ध कंप्यूटर वैज्ञानिक अर्जुन नारायण और जॉर्ज निचिस के साथ मिलकर डिजिटल ट्रांसफोर्मेशन कंपनी सोरोको की शुरुआत की। नेल्सनहॉल वेंडर इवैल्यूएशन एंड असेसमेंट टूल (NET) के अनुसार, सोरोको ने 2022 में 18 मिलियन डॉलर (लगभग 148 करोड़ रुपये) का टॉप-लाइन रेवेन्यू जनरेट किया था। हालांकि, कंपनी ने आधिकारिक तौर पर इस आंकड़े की पुष्टि नहीं की है।

विरासत में मिला बहुत कुछ

रोहन के नेतृत्व में, सोरोको अपनी बाजार उपस्थिति का विस्तार करने और प्रॉफिटेबिलिटी को बढ़ाने पर काम कर रही है। AI और ऑटोमेशन पर अपने फोकस के साथ, कंपनी टेक सेक्टर में बड़ा बदलाव लाना चाहती है। रोहन के पास अपने पिता की कंपनी के शेयर भी हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, नारायण मूर्ति के बेटे के रूप में, रोहन को इंफोसिस में 1.62% हिस्सेदारी विरासत में मिली है।

विज्ञापन

किसके पास, कितना स्टेक?

इंफोसिस में मूर्ति परिवार के पास कुल 4.02% हिस्सेदारी है। सितंबर तिमाही के डेटा के अनुसार, नारायण मूर्ति के पास कंपनी की 0.40% हिस्सेदारी है। इसमें पत्नी सुधा एन मूर्ति के पास 0.92%, बेटे रोहन मूर्ति के पास 1.62%, बेटी अक्षता मूर्ति के पास 1.04% और नारायण मूर्ति के पोते एकाग्र रोहन मूर्ति के पास 0.04% हिस्सेदारी है। इस तरह, मूर्ति परिवार के 5 सदस्यों के पास इंफोसिस में कुल 4.02% हिस्सेदारी है।

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ