India’s Diesel Exports Hit 13-Month High: अक्टूबर 2026 में भारत का डीजल निर्यात 13 महीनों के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया. ग्लोबल लेवल पर सप्लाई में रुकावट और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी ने घरेलू तेल रिफाइनरियों के लिए नए मौके पैदा किए हैं. इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच आने वाले महीनों में भी विदेशों में डीजल की सप्लाई मजबूत बनी रहेगी. भारत ने इस मामले में रूस को पीछे छोड़ दिया है क्योंकि यूक्रेन के मिसाइल हमलों के खौफ की वजह से रशिया का डीजल एक्सपोर्ट पहले के मुकाबले थोड़ा कम हो गया है.
कितना हुआ डीजल निर्यात?
‘केप्लर’ के शुरुआती वेसल-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक 1 से 29 अक्टूबर 2026 के बीच भारत से औसतन 7.1 लाख बैरल प्रति दिन (bpd) डीजल का निर्यात हुआ. ये सितंबर के मुकाबले 19.6% और पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 8.1% का इजाफा है. अनुमान लगाया गया है कि आने वाले महीनों में डीजल एक्सपोर्ट में थोड़ी कमी आ सकती है.
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डीजल निर्यात में ये भारतीय कंपनियां आगे
अक्टूबर में भारत के कुल डीजल निर्यात में रिलायंस इंडस्ट्रीज की हिस्सेदारी लगभग 78% रही, जिसने करीब 5.5 लाख bpd डीजल का एक्सपोर्ट किया. कंपनी की विदेशी बिक्री सितंबर के मुकाबले 12% और पिछले साल अक्टूबर के मुकाबले 32.5% बढ़ी है. पब्लिक सेक्टर की रिफाइनरियों ने भी अपना निर्यात बढ़ाया है. मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड ने अपना निर्यात बढ़ाकर लगभग 38,000 bpd कर दिया, जबकि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने तकरीबन 53000 bpd का निर्यात दर्ज किया. हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने करीब 26000 bpd डीजल भेजा. इसके उलट नायरा एनर्जी का निर्यात 42.4% घटकर लगभग 40000 bpd रह गया.
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आने वाले दिनों में क्या होगा?
भारत के पास रिफाइनिंग का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्यात सुविधाएं हैं, जिससे उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई की कमी का फायदा उठाने में मदद मिली है. हालांकि, देश के भीतर खपत बढ़ने से विदेशों में होने वाले निर्यात पर लगाम लग सकती है. दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग देश होने के बावजूद, भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 88% से अधिक हिस्सा आयात करता है. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिया है कि सरकारी रिफाइनरियां अगले साल अपनी सालाना रिफाइनिंग क्षमता में कम से कम 15 मिलियन टन का इजाफा करेंगी. इससे वैश्विक ईंधन बाजारों में भारत की स्थिति और मजबूत हो सकती है.
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