कहते हैं कि सावधानी हटी, दुर्घटना घटी. IDFC First Bank के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. जो बैंक अपनी पारदर्शिता और अनुशासन के लिए जाना जाता था, आज वह अपनी साख बचाने की लड़ाई लड़ रहा है.
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच से संपर्क किया. विभाग ने अपना खाता बंद करने और सारा पैसा दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने को कहा. जब बैंक ने फाइलों का मिलान किया, तो उनके होश उड़ गए! विभाग के पास जो बैलेंस दर्ज था और बैंक के सिस्टम में जो बैलेंस दिख रहा था, उनमें जमीन-आसमान का अंतर था.
---विज्ञापन---
New Banking System: जीरो बैलेंस अकाउंट से भी निकाल सकते हैं 10000 रुपये, ये है धांसू ट्रिक
---विज्ञापन---
रेड फ्लैग: फिर खुलने लगीं परतें
18 फरवरी के बाद से एक-एक करके हरियाणा सरकार के कई और विभाग इसी तरह की शिकायत लेकर बैंक पहुंचने लगे. जांच में पता चला कि यह गड़बड़ी किसी एक खाते में नहीं, बल्कि चंडीगढ़ ब्रांच के उन सभी खातों में थी जो हरियाणा सरकार से जुड़े थे.
शेयर बाजार में भूकंप
जैसे ही बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को इस गड़बड़ी की जानकारी दी, निवेशकों में भगदड़ मच गई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर बैंक के शेयर 20% तक गिर गए. लोगों को डर है कि अगर सरकारी खातों के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम आदमी का पैसा कितना सुरक्षित है?
चुटकियों में चेक कर सकते हैं PF बैलेंस, ऐसे डाउनलोड करें EPFO पासबुक
बैंक ने अब तक क्या एक्शन लिया?
IDFC First Bank ने डैमेज कंट्रोल के लिए तुरंत कई कदम उठाए हैं:
- कर्मचारियों पर गिरी गाज: संदिग्ध गतिविधियों में शामिल 4 कर्मचारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है.
- बड़ी जांच शुरू: बैंक ने इस मामले की स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट के लिए दिग्गज फर्म KPMG को नियुक्त किया है.
- RBI को रिपोर्ट: मामले की जानकारी रिजर्व बैंक (RBI) और पुलिस को दे दी गई है.
- खातों पर रोक: उन संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज करने की रिक्वेस्ट भेजी गई है जहां पैसा ट्रांसफर हुआ था.
DA Hike: इन सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर के लिए 10% बढ़ा DA, अगले महीने बढ़कर आएगी सैलरी
क्या हुआ था असल में?
बैंक मैनेजमेंट के अनुसार, कुछ कर्मचारियों ने बाहरी लोगों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की. इसमें फर्जी निर्देशों (Forged Instructions) और बैंक के सिस्टम में मैन्युअल बदलाव (Manual Overrides) का सहारा लिया गया ताकि किसी को शक न हो.
अब आगे क्या?
हरियाणा सरकार ने जांच पूरी होने तक इस बैंक के साथ अपने सभी लेनदेन फिलहाल रोक दिए हैं. हालांकि बैंक का कहना है कि उनके पास पर्याप्त पूंजी है और इस फ्रॉड से बैंक की स्थिरता को खतरा नहीं है, लेकिन भरोसे को जो चोट पहुंची है, उसे भरने में वक्त लगेगा. यह मामला बैंकिंग जगत के लिए एक बड़ा सबक है कि कैसे चंद कर्मचारी मिलकर डिजिटल सिस्टम में सेंध लगा सकते हैं.