अगर आप इस धनतेरस या शादियों के सीजन में सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए बहुत ही बढ़िया मौका आ गया है. धनतेरस से ठीक पहले सर्राफा और कमोडिटी बाजार से बड़ी खुशखबरी सामने आई है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सोने और चांदी के दामों में भारी गिरावट देखने को मिली है. सुबह-सुबह ही चांदी 3,623 रुपये टूटकर 1,79,932 रुपये प्रति किलो पर आ गई है, वहीं 24 कैरेट सोना भी 1,250 रुपये सस्ता होकर 1,38,972 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है. जानिये अचानक सोने-चांदी के दाम क्यों गिरे हैं और इसका बाजार पर क्या असर पड़ रहा है.
MCX पर क्या चल रहा है सोने-चांदी का ताजा भाव?
एमसीएक्स पर चांदी सुबह के समय 3,623 रुपये की बड़ी गिरावट के साथ 1,79,932 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है. 24 कैरेट सोना 1,250 रुपये सस्ता होकर 1,38,972 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है. यह रेट मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के हैं, जो पल-पल बदलते रहते हैं. स्थानीय सर्राफा बाजारों में आभूषण खरीदते वक्त इनमें जीएसटी, लोकल टैक्स और मेकिंग चार्ज अलग से जुड़ते हैं.
इस साल के रिकॉर्ड हाई से कितनी गिर चुकी हैं कीमतें?
अगर इस साल के अब तक के सफर को देखें, तो सोने और चांदी के दाम अपने सबसे ऊंचे स्तर (All Time High) से काफी नीचे आ चुके हैं. इस साल 29 जनवरी को MCX पर सोना 1,93,096 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर था, जहां से यह अब तक 54,124 रुपये सस्ता हो चुका है. चांदी का ऑल-टाइम हाई 4,20,048 रुपये प्रति किलो था, जिससे यह अब तक 2,40,116 रुपये तक गिर चुकी है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या है हलचल?
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, एशियाई बाजारों में कमोडिटीज की चाल कुछ इस तरह है. सिंगापुर में सुबह के सत्र में यह 0.2 फीसदी बढ़कर 3,954.52 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. सोमवार को चांदी में 3% से ज्यादा की तेजी के बाद, मंगलवार को इसकी कीमत 0.3 फीसदी बढ़कर 50.77 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज की गई.
अचानक क्यों गिरे सोने-चांदी के दाम?
- अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की उम्मीद: एक दिन पहले सोमवार को सोने में पिछले दो महीने की सबसे बड़ी तेजी आई थी. लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में सकारात्मक नतीजे आने की उम्मीद से कच्चे तेल (Crude Oil) के दामों में भारी गिरावट आई है. इससे ग्लोबल मार्केट में महंगाई बढ़ने की आशंका कम हुई है, जिसका असर सोने पर पड़ा है.
- युद्ध और महंगाई का दबाव: पिछले नौ महीनों से मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से एनर्जी के दाम बढ़े थे, जिससे दुनियाभर में महंगाई का खतरा मंडरा रहा था. महंगाई रोकने के लिए सेंट्रल बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं, जो सोने के लिए नकारात्मक माना जाता है, क्योंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता. यही वजह है कि अक्टूबर में सोने में 6.8% की गिरावट आई थी.
- शेयर बाजार में बिकवाली का असर: पिछले हफ्ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई थी. कई निवेशकों ने शेयर बाजार में हुए घाटे की भरपाई के लिए सोने में अपनी होल्डिंग बेच दी, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया.
धनतेरस के पावन अवसर पर सोने और चांदी की कीमतों में आई यह नरमी आम ग्राहकों के लिए राहत भरी है. अगर आप निवेश करने या गहने खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह समय बाजार के लिहाज से काफी अनुकूल साबित हो सकता है.