अब बैंक की यह जिम्मेदारी होगी कि वह FASTag जारी करने से पहले ही VAHAN डेटाबेस से आपकी गाड़ी की जानकारी खुद वेरिफाई कर ले. एक बार टैग मिल गया, तो आपको दोबारा वेरिफिकेशन के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे.
क्या बिना KYC के काम चलेगा?
यहां ध्यान दें कि KYC (Know Your Customer) और KYV (Know Your vehicle) दो अलग चीजें हैं. आपके बैंक खाते या वॉलेट के लिए KYC (आधार, पैन कार्ड) अभी भी अनिवार्य है ताकि आप उसमें पैसे लोड कर सकें. बिना इसके आपका वॉलेट इनएक्टिव हो सकता है. हालांकि KYV की अब छुट्टी हो गई है. क्योंकि गाड़ी के दस्तावेजों और फोटो का पोस्ट-एक्टिवेशन वेरिफिकेशन (KYV) अब नहीं करना होगा.
पुराने FASTag वालों के लिए क्या नियम हैं?
अगर आपके पास पहले से FASTag है, तो आपको बार-बार KYV कराने की कोई जरूरत नहीं है. आपको वेरिफिकेशन तभी करना होगा जब आपके टैग के गलत इस्तेमाल या किसी तकनीकी गड़बड़ी की शिकायत आए. सामान्य स्थिति में आपका पुराना टैग चलता रहेगा.
इससे बार-बार डॉक्यूमेंट्स चेक न होने से टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा. पहले KYV न होने पर अक्सर टैग को ‘Blacklist’ कर दिया जाता था, अब वह झंझट खत्म हो गया है. अब नया FASTag लेना और उसे तुरंत इस्तेमाल करना पहले से कहीं ज्यादा आसान है.