बता दें कि अभी यूपी में करीब 92000 करोड़ रुपये के रेल प्रोजेक्ट्स पहले से चल रहे हैं, जिन्हें अब और रफ्तार मिलेगी. बजट में घोषित 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से 2 सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश को जोड़ेंगे.
यूपी को मिलीं 2 बुलेट ट्रेन
दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर: यह करीब 865 किमी लंबा होगा. इसके जरिए दिल्ली से वाराणसी का सफर मात्र 3 घंटे 50 मिनट में पूरा होगा. यह यूपी के नोएडा, मथुरा, आगरा, कानपुर, लखनऊ और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों से होकर गुजरेगी.
वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर: यह कॉरिडोर वाराणसी को बिहार के पटना के रास्ते पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से जोड़ेगा. वाराणसी से सिलीगुड़ी पहुंचने में अब सिर्फ 2 घंटे 55 मिनट लगेंगे.
इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण
इन बुलेट ट्रेनों के आने से यूपी केवल एक राज्य नहीं, बल्कि एक आर्थिक केंद्र (Economic Node) बन जाएगा. कॉरिडोर के किनारे नए औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Zones) विकसित किए जाएंगे. वाराणसी, मथुरा, और अयोध्या जैसे तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं का आना-जाना बहुत तेज और आसान हो जाएगा. दिल्ली और वाराणसी के बीच का सफर, जो फिलहाल 8-10 घंटे लेता है, वह आधे से भी कम रह जाएगा.
यूपी के लिए बजट में और भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं
- यूपी में रेलवे का 100% विद्युतीकरण (Electrification) पूरा हो चुका है.
- प्रदेश के 157 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत वर्ल्ड क्लास बनाया जा रहा है.
- जल्द ही यूपी के प्रमुख शहरों से स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस भी शुरू होने वाली है.
रेल मंत्री ने बताया कि ये बुलेट ट्रेन ट्रैक ज्यादातर ‘एलिवेटेड’ (जमीन से ऊपर) होंगे, ताकि जमीन अधिग्रहण की समस्या कम हो और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे.
बुलेट ट्रेन का क्या होगा रूट
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन (High-Speed Rail) कॉरिडोर के मौजूदा प्रस्ताव और बजट 2026 की घोषणाओं के अनुसार, यह ट्रेन आगरा और कानपुर दोनों शहरों में रुकेगी. हालिया अपडेट और नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) की रिपोर्ट्स के अनुसार आइये हाई स्पीड ट्रेनों के स्टोपेज के बारे में जानते हैं:
आगरा और कानपुर में स्टॉपेज:
बुलेट ट्रेन आगरा में रुकेगी. पर्यटन और व्यापारिक महत्व के कारण इसे एक प्रमुख स्टेशन बनाया गया है. दिल्ली से आगरा का सफर मात्र 45 से 60 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है. कानपुर में भी बुलेट ट्रेन का स्टॉपेज प्रस्तावित है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कानपुर स्टेशन शहर के बाहरी इलाके जैसे उन्नाव या मगरवारा के पास में एक आउटर स्टेशन के रूप में बनाया जा सकता है ताकि कृषि भूमि का अधिग्रहण कम करना पड़े, लेकिन यह शहर को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से सीधे जोड़ देगा.
यूपी के अन्य प्रमुख स्टेशन
इस 865-958 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में लगभग 12-13 स्टेशन प्रस्तावित हैं:
दिल्ली (सराय काले खां)
नोएडा (सेक्टर-148)
जेवर एयरपोर्ट
मथुरा
आगरा
फिरोजाबाद
इटावा
कन्नौज
कानपुर (आउटर)
लखनऊ
अयोध्या (स्पर्श रेखा/Spur Line के जरिए)
प्रयागराज
भदोही
वाराणसी
यात्रा समय में बचत:
दिल्ली से आगरा: लगभग 1 घंटा.
कानपुर से दिल्ली: सिर्फ 2 से 2.5 घंटे. अभी 5-6 घंटे लगते हैं.
दिल्ली से वाराणसी: पूरी यात्रा सिर्फ 3.5 से 4 घंटे में पूरी होगी.
बजट 2026 में इस कॉरिडोर को बड़ी मंजूरी मिली है और अब भूमि अधिग्रहण और विस्तृत सर्वे की प्रक्रिया में तेजी आने वाली है.