EPFO Alert: EPFO ने मेंबर्स के लिए जारी किया अलर्ट, पीएफ खाते से उड़ सकते हैं आपके पैसे!
EPFO Fraud Alert for PF Members: पीएफ मेंबर्स सावधान! EPFO ने नकली लिंक और साइबर फ्रॉड से बचने के लिए दिए 5 सेफ्टी टिप्स. जानिए UAN, OTP और लॉगिन यूआरएल सुरक्षित रखने के आसान तरीके.
EPFO Online Security Alert: PF खाते से न उड़ जाएं पैसे, EPFO ने जारी की 5 बड़ी चेतावनियां
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अगर आप भी नौकरीपेशा हैं और आपका भी पीएफ (PF) खाता है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों मेंबर्स को ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए सख्त अलर्ट जारी किया है. आजकल साइबर ठग फर्जी लिंक और नकली वेबसाइट के जरिए लोगों के पीएफ खातों पर सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं.
ईपीएफओ ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर पोस्ट करके मेंबर्स को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है. आइए जानते हैं कि अपने पीएफ फंड को सुरक्षित रखने के लिए आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
हमेशा आधिकारिक वेबसाइट और Umang App का ही इस्तेमाल करें
ईपीएफओ से जुड़ा कोई भी काम करने के लिए सिर्फ और सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट का ही प्रयोग करें. किसी भी गूगल सर्च रिजल्ट पर बिना देखे भरोसा न करें. पीएफ बैलेंस चेक करने या क्लेम फाइल करने के लिए सरकार के आधिकारिक Umang App का इस्तेमाल करें, जो पूरी तरह सुरक्षित है.
अनजान SMS, ईमेल या व्हाट्सएप लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें ईपीएफओ, आरबीआई और सरकार हमेशा यह सलाह देते हैं कि अनजान स्रोतों से आए लिंक्स से दूर रहें. अगर आपको कोई ऐसा मैसेज मिलता है जिसमें कहा गया हो कि लिंक पर क्लिक करके तुरंत पीएफ बैलेंस निकालें या केवाईसी अपडेट करें, तो ऐसे मैसेज पूरी तरह फर्जी हो सकते हैं. एक गलत क्लिक से आपका पूरा बैंक खाता और पीएफ फंड खाली हो सकता है.
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अपनी जरूरी पर्सनल डिटेल्स कभी शेयर न करें अपने पीएफ खाते से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति या फर्जी साइट पर दर्ज न करें. अपना UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर), बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और ओटीपी (OTP) किसी के साथ शेयर न करें.
लॉग इन करने से पहले स्पेलिंग और URL ठीक से चेक करें साइबर अपराधी अक्सर असली वेबसाइट से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट (Phishing Websites) बना लेते हैं. उदाहरण के लिए, वे डोमेन नेम में एक-दो लेटर का बदलाव कर देते हैं जिन्हें ध्यान से न देखने पर पकड़ा नहीं जा सकता. इसलिए किसी भी लिंक पर लॉग इन करने से पहले उसके URL की एक-एक स्पेलिंग को ध्यान से पढ़ें.
याद रखें: EPFO कभी भी फोन या मैसेज पर OTP नहीं मांगता ईपीएफओ ने साफ किया है कि संगठन का कोई भी प्रतिनिधि कभी भी फोन, एसएमएस या वॉट्सएप के जरिए मेंबर्स से पर्सनल डिटेल्स, पासवर्ड या ओटीपी नहीं मांगता है. अगर कोई खुद को ईपीएफओ अधिकारी बताकर आपसे ओटीपी मांगे, तो तुरंत सावधान हो जाएं.
अगर गलती से आपने किसी फर्जी लिंक पर जानकारी शेयर कर दी है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) और ईपीएफओ के आधिकारिक हेल्पडेस्क पर शिकायत दर्ज कराएं. साइबर सुरक्षा का सबसे बड़ा हथियार आपकी जागरूकता है. अपने पीएफ खाते की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए ऊपर दी गई गाइडलाइन्स का पालन करें और सतर्क रहें.