8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के बाद देश भर में बैठकों और सुझावों का दौर जारी है. हाल ही में दिल्ली में हुई बैठक में केंद्रीय सरकारी स्कूलों (केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय आदि) के शिक्षक संगठनों ने हिस्सा लिया और वेतन आयोग के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखीं.
शिक्षकों की सबसे बड़ी मांग पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme – OPS) को फिर से लागू करने की है. आइए समझते हैं कि आखिर शिक्षक ओल्ड पेंशन स्कीम क्यों चाहते हैं और उनकी मुख्य मांगें क्या-क्या हैं.
पुरानी पेंशन योजना (OPS) फिर से लागू करने की मांग क्यों?
सरकार ने 1 जनवरी 2004 या उसके बाद सेवा में आए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) लागू किया था. इसके अलावा हाल ही में यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का विकल्प भी दिया गया है.
शिक्षकों का क्या कहना है?
शिक्षकों और केंद्रीय कर्मचारियों का मानना है कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) में रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन सुरक्षित और निश्चित होती है. NPS बाजार के जोखिमों पर निर्भर करता है, जिससे भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है. इसलिए शिक्षक ओपीएस की पूर्ण बहाली चाहते हैं.
रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 65 साल करने की मांग
शिक्षक संगठनों की मांग है कि रिटायरमेंट की आयु सीमा को 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष किया जाए. राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल के अनुसार, इससे देश के अनुभवी और वरिष्ठ शिक्षकों के अनुभव का लाभ लंबे समय तक शिक्षा प्रणाली और छात्रों को मिल सकेगा.
प्रमोशन और प्रिंसिपल पद पर कोटे में बदलाव
शिक्षकों ने प्रमोशन प्रक्रिया को पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए कुछ प्रस्ताव रखे हैं:
- प्रिंसिपल पद पर प्रमोशन: विभागीय शिक्षकों के प्रमोशन के जरिए प्रिंसिपल के 50% पद भरे जाएं और 25% पद परीक्षा के आधार पर भरे जाएं.
- दिल्ली के शिक्षकों की मांग: दिल्ली के शिक्षक संगठनों ने मांग रखी है कि शिक्षकों के लिए प्रिंसिपल के पद पर 100% का कोटा दिया जाए.
- ग्रेड पे में बढ़ोतरी: प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल के पदों के ग्रेड पे में वृद्धि की जाए.
छुट्टियों (Leaves) के नियमों में सुधार और पुरुष CCL
शिक्षकों ने छुट्टियों को लेकर भी महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं:
पुरुषों के लिए चाइल्ड केयर लीव (CCL): महिला कर्मचारियों की तरह पुरुष शिक्षकों को भी बच्चों की देखभाल के लिए चाइल्ड केयर लीव दी जाए.
छुट्टियों में बढ़ोतरी: मेडिकल लीव (Medical Leave), अर्न लीव (Earned Leave) और कैजुअल लीव (Casual Leave) की संख्या में इजाफा किया जाए.
समान वेतन और भत्ते
बढ़ती महंगाई और शहरों में रहने की बढ़ती लागत को देखते हुए मांग की गई है कि सभी केंद्रीय सरकारी शिक्षकों के वेतन, भत्ते और सेवा शर्तों में पूर्ण समानता लाई जाए.
आयोग कब सौंपेगा अपनी रिपोर्ट?
8वें वेतन आयोग की टीम देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर कर्मचारियों और पेंशनर्स संगठनों से मिलकर सुझाव जुटा रही है. सभी सुझावों के आधार पर आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा और इसे 3 मई 2027 तक केंद्र सरकार को सौंपेगा.