हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट पर विवाद: LIC और अडाणी ने सामने रखी सच्चाई, विदेशी मीडिया पर उठे सवाल

वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि LIC ने अडाणी ग्रुप में सरकार के दबाव में निवेश किया लेकिन LIC और अडाणी दोनों ने इसे झूठा बताया. LIC ने कहा कि उसका निवेश पारदर्शी है और उस पर 120% का मुनाफा हुआ. गलत रिपोर्टिंग के आरोपों से वॉशिंगटन पोस्ट की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ रहे हैं.

विज्ञापन

Controversy Over Washington Post Investment Report: वॉशिंगटन पोस्ट ने हाल ही में एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें दावा किया गया कि भारत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने अडाणी ग्रुप में करीब 33 हजार करोड़ रुपए का निवेश कर कारोबारी गौतम अडाणी को फायदा पहुंचाया. रिपोर्ट में कहा गया कि यह फैसला सरकारी दबाव में लिया गया था. हालांकि, इस रिपोर्ट में किसी ठोस दस्तावेज या स्वतंत्र जांच का जिक्र नहीं था, सिर्फ अनाम सूत्रों का हवाला दिया गया.

LIC और अडाणी ग्रुप का जवाब

अडाणी ग्रुप ने इस रिपोर्ट को झूठा और भ्रामक बताया. कंपनी ने कहा कि उसने जून 2025 में 45 करोड़ डॉलर का कर्ज समय से पहले चुका दिया, किसी रिफाइनेंसिंग की जरूरत नहीं पड़ी. वहीं LIC ने स्पष्ट कहा कि अडाणी कंपनियों में उसका निवेश पूरी तरह बोर्ड अप्रूवल और जांच के बाद हुआ है. इसके अलावा, अडाणी में उसका निवेश कुल पोर्टफोलियो का सिर्फ 1% है, और इस निवेश पर उसे 120% से ज्यादा का लाभ मिला है.

LIC में जनता का भरोसा अटूट क्यों है

LIC भारत की सबसे पुरानी और भरोसेमंद वित्तीय संस्थाओं में से एक है. 1956 में बनी यह कंपनी आज 30 करोड़ से ज्यादा पॉलिसियों के साथ हर भारतीय परिवार से जुड़ी हुई है. छोटे शहरों से लेकर महानगरों तक, लोग LIC को अपनी मेहनत की कमाई का सबसे सुरक्षित ठिकाना मानते हैं. इसकी संपत्ति 2014 के 1.56 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 2025 में 15.6 लाख करोड़ रुपए हो चुकी है.

विज्ञापन

विदेशी मीडिया की मंशा पर सवाल

भारत सरकार, LIC और अडाणी तीनों के स्पष्टीकरण के बावजूद वॉशिंगटन पोस्ट ने रिपोर्ट को लेकर कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया. यही कारण है कि भारतीय सोशल मीडिया पर #FakeNewsWaPo और #StopTargetingIndia जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे. आलोचकों का कहना है कि विधानसभा चुनावों से पहले ऐसी रिपोर्टें भारत की आर्थिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हैं.

वॉशिंगटन पोस्ट पर आरोप

यह पहली बार नहीं है जब वॉशिंगटन पोस्ट पर गलत रिपोर्टिंग का आरोप लगा हो. 2021 में अमेरिकी राजनीति पर गलत उद्धरण देने, 2023 में हिंडनबर्ग जैसी रिपोर्टों को बिना सत्यापन प्रकाशित करने और 2025 में गाजा पर झूठी खबर छापने के बाद अखबार को माफी मांगनी पड़ी थी. ऐसे में भारत से जुड़ी इसकी रिपोर्टों पर शक होना स्वाभाविक है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola