बजट 2026 से युवाओं को नौकरियों के पिटारे खुलने की बड़ी उम्मीद है. सरकार का मुख्य फोकस ‘एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव’ (ELI) योजना पर है, जिसके तहत नई भर्ती करने वाली कंपनियों को सीधे वित्तीय मदद दी जा सकती है. पीएम इंटर्नशिप स्कीम के तहत 1 करोड़ युवाओं को टॉप कंपनियों में ट्रेनिंग और 6000 से 7000 मासिक वजीफे की उम्मीद है. इसके अलावा छोटे उद्योगों को सस्ता कर्ज मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ने के आसार हैं.
AI, रोबोटिक्स और ग्रीन एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों में फ्री ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट कोर्स की मांग है. वहीं दूसरी ओर ग्रामीण युवाओं के लिए मनरेगा को विकसित भारत गारंटी (VB-GRAM G) में बदलकर 125 दिन के काम की गारंटी मिल सकती है. कुल मिलाकर, यह बजट केवल डिग्री नहीं बल्कि हाथों को काम और कौशल पर केंद्रित रहने वाला है.
PM इंटर्नशिप स्कीम का विस्तार
सरकार पीएम इंटर्नशिप योजना के तहत मिलने वाले वजीफे (Stipend) को बढ़ाने पर विचार कर रही है. अभी तक यह 5000 प्रति माह है, जिसे बजट में बढ़ाकर 6000 से 7000 किया जा सकता है. अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को टॉप 500 कंपनियों में इंटर्नशिप दिलाने का लक्ष्य है.
एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव (ELI) योजना
PLI यानी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव की सफलता के बाद, सरकार अब ELI पर बड़ा दांव लगा रही है. इसके तहत उन कंपनियों को सीधे कैश इंसेंटिव या टैक्स छूट दी जाएगी जो ज्यादा से ज्यादा नए लोगों को भर्ती करेंगी. इससे ये फायदा होगा कि पहली बार नौकरी जॉइन करने वाले युवाओं को सरकार की ओर से एक महीने की सैलरी यानी 15,000 रुपये तक सीधे उनके खाते में मिलने का प्रावधान जारी रह सकता है.
लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स को बूस्ट
सरकार उन क्षेत्रों पर ज्यादा फंड खर्च करेगी जहां सबसे ज्यादा इंसानी हाथों की जरूरत होती है. जैसे कि टेक्सटाइल (कपड़ा उद्योग), लेदर और फुटवियर, फूड प्रोसेसिंग. इससे इन सेक्टर्स में छोटे उद्योगों (MSMEs) को कम ब्याज पर लोन और सब्सिडी मिलेगी ताकि वे भर्ती बढ़ा सकें.
AI और फ्यूचर स्किल्स पर जोर
बजट 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में ट्रेनिंग देने के लिए भारी बजट आवंटित किया जा सकता है. सरकार चाहती है कि युवा केवल लेबर न बनें, बल्कि हाई-टेक नौकरियों के लिए तैयार हों.
ग्रामीण रोजगार
ग्रामीण इलाकों में रोजगार की कमी को देखते हुए मनरेगा, जो अब VB G RAM G के नाम से जाना जा रहा है, उसके बजट में 10-15% की बढ़ोतरी की जा सकती है, ताकि गांवों में रहने वाले लोगों को कम से कम 125 दिन का पक्का काम और बेहतर मजदूरी मिल सके.
आपके लिए इसका क्या मतलब है?
अगर आप फ्रेशर हैं, तो इंटर्नशिप और ELI स्कीम आपके लिए पहली नौकरी पाना आसान बनाएगी. वहीं अगर आप एक्सपीरियंस प्रोफेशनल हैं, तो सरकार का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर आपके लिए नई कंपनियों के दरवाजे खोलेगा.
किन स्किल्स की मांग आएगी ?
बजट 2026 और सरकार के डिजिटल इंडिया व क्लीन एनर्जी मिशन को देखते हुए, अगले 1-2 साल में इन 3 स्किल्स की मांग सबसे ज्यादा रहने वाली है. अगर आप इनमें महारत हासिल करते हैं, तो करियर में लंबी छलांग लगा सकते हैं:
- एआई और डेटा एनालिटिक्स (AI & Data Analytics)
क्योंकि सरकार हर सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा दे रही है, इसलिए सिर्फ टेक कंपनियों में ही नहीं, बल्कि बैंकिंग, हेल्थकेयर और रिटेल में भी इसकी भारी मांग है. आप डेटा विज़ुअलाइजेशन (Tableau/Power BI), पायथन प्रोग्रामिंग और मशीन लर्निंग के बेसिक्स जरूरी सीखें. बजट में AI स्टार्टअप्स को मिलने वाली छूट से इस फील्ड में नई नौकरियों की बाढ़ आने वाली है, जिसका फायदा आप उठा सकते हैं.
- ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबिलिटी
भारत का लक्ष्य 2070 तक नेट जीरो बनना है. बजट 2026 में सोलर और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर को मिलने वाला भारी फंड इस फील्ड को जॉब हॉटस्पॉट बना देगा. इसलिए अगर आप सोलर पैनल इंस्टालेशन, EV बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) और सस्टेनेबिलिटी ऑडिटिंग कोर्स करते हैं तो मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स के लिए यह सबसे तेजी से बढ़ने वाला करियर साबित हो सकता है.
- डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स ऑपरेशंस
बजट में ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट और डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने की योजना है. छोटे शहरों के बिजनेस भी अब ऑनलाइन आ रहे हैं. अगर आप SEO (सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन), सोशल मीडिया स्ट्रेटेजी और ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट करना सीख लें तो इस स्किल के साथ आप न केवल नौकरी कर सकते हैं, बल्कि फ्रीलांसिंग या अपना खुद का स्टार्टअप भी शुरू कर सकते हैं.
आप इन स्किल्स को ‘स्वयं’ (SWAYAM) या ‘स्किल इंडिया डिजिटल’ जैसे सरकारी पोर्टल्स से मुफ्त या बहुत कम कीमत पर सीख सकते हैं.